देश की पुलिसिंग रैंकिंग में झारखंड 32वें स्थान पर, सिमडेगा ने ICT में हासिल किए पूरे अंक, पलामू को मिला जीरो

पुलिस के कामकाज से जुड़े मूल्यांकन में झारखंड को 56.08 स्कोर के साथ 32वां स्थान मिला है. जिलों के प्रदर्शन में सिमडेगा ने ICT Application में पूरे 10 अंक हासिल किए, जबकि पलामू को इस कैटेगरी में एक भी अंक नहीं मिला. रैंकिंग सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने प्रदर्शन की समीक्षा शुरू कर दी है.

देश की पुलिसिंग रैंकिंग में झारखंड 32वें स्थान पर, सिमडेगा ने ICT में हासिल किए पूरे अंक, पलामू को मिला जीरो

रांची(RANCHI): झारखंड पुलिस के कामकाज को लेकर सामने आई नई रैंकिंग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. देशभर में हुए इस मूल्यांकन में झारखंड को 32वां स्थान मिला है और राज्य का कुल स्कोर 56.08 रहा है. ये आंकड़े बताते हैं कि आधुनिक पुलिसिंग और तकनीक के इस्तेमाल के मामले में राज्य को अभी काफी सुधार करने की जरूरत है.

हालांकि इस बीच सिमडेगा पुलिस का प्रदर्शन राहत देने वाला रहा है. वहीं पलामू के आंकड़ों ने पुलिस मुख्यालय की चिंता बढ़ा दी है.

सिमडेगा ने तकनीक के इस्तेमाल में किया बेहतर प्रदर्शन

सिमडेगा पुलिस ने कुल 64.74 अंक हासिल किए हैं. जिले को प्रशासनिक सुधार में 17.05 और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में 32.98 अंक मिले हैं. वहीं आईसीटी एप्लीकेशन में सिमडेगा ने पूरे 10 अंक हासिल किए, जबकि इंटीग्रेशन में 4.71 अंक मिले.

ICT में पूरे अंक मिलना खास माना जा रहा है. इससे पता चलता है कि सिमडेगा में पुलिसिंग के दौरान नई तकनीक और डिजिटल सिस्टम के इस्तेमाल पर काम किया गया है.

पलामू को ICT में नहीं मिला एक भी अंक

दूसरी तरफ पलामू का प्रदर्शन कमजोर रहा है. जिले को कुल 48.43 अंक मिले. प्रशासनिक सुधार में पलामू ने 17.05 और ऑपरेशनल एफिशिएंसी में 26.67 अंक हासिल किए. सबसे ज्यादा चिंता आईसीटी एप्लीकेशन के स्कोर ने बढ़ाई है, जहां पलामू को एक भी अंक नहीं मिला.

आज जब पुलिसिंग में डिजिटल तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है, ऐसे में आईसीटी में शून्य स्कोर कई सवाल खड़े करता है. मूल्यांकन में ई-साक्ष्य, ई-समन, न्याय श्रुति और MedLEaPR जैसे डिजिटल सिस्टम को भी शामिल किया गया है.

पुलिस मुख्यालय ने शुरू की समीक्षा

रैंकिंग सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने भी जिलों के प्रदर्शन की समीक्षा शुरू कर दी है. इसी सिलसिले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की गई और सिमडेगा तथा पलामू के एसपी को भी इसमें शामिल होने के लिए कहा गया.

एक तरफ सिमडेगा का प्रदर्शन दूसरे जिलों के लिए उदाहरण बन सकता है. वहीं पलामू का कम स्कोर उन क्षेत्रों की पहचान करने का मौका देता है, जहां तेजी से सुधार की जरूरत है. पूरे राज्य का 32वें स्थान पर रहना भी साफ करता है कि झारखंड पुलिस को आधुनिक और तकनीक आधारित पुलिसिंग की दिशा में अभी लंबा सफर तय करना है.