छात्र आंदोलन से दबाव में झारखंड सरकार, आंदोलन में कूदा JLKM, अब आगे क्या 

छात्र आंदोलन से दबाव में झारखंड सरकार, आंदोलन में कूदा JLKM, अब आगे क्या

TNP DESK:  छात्रों का आंदोलन अब केवल राजधानी में ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड में फैल गया है. दूसरी ओर समाधान के लिए झारखंड सरकार भी सक्रिय हो गई है.  मंगलवार को जेएलकेएम  ने झारखंड के सभी जिलों में एकदिवसीय धरना का कार्यक्रम आयोजित किया और कहा कि यह तो सिर्फ झांकी है, आगे लड़ाई अभी बाकी है.  कहा जा सकता है कि विधायक जय राम महतो की पार्टी अब पूरी तरह से इस आंदोलन में कूद गई है.  जेएलकेएम ने घोषणा की है कि इसके बाद सभी जिला मुख्यालय पर धरना -प्रदर्शन होगा और उसके बाद रांची कुछ करने का कार्यक्रम तैयार किया जाएगा. 

 बता दें कि छात्रों का आंदोलन रांची में बढ़ता जा रहा है.  इस आंदोलन को सपोर्ट भी मिल रहा है.  दिल्ली के जंतर -मंतर पर हुए आंदोलन को मिली सफलता के बाद छात्रों का उत्साह बढ़ा हुआ है.  और वह आंदोलन को आगे बढ़ाने में लगे हुए हैं.  यह  अलग बात है कि जेपीएससी 14वीं प्राथमिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने मामले के समाधान की  दिशा में पहल शुरू कर दी है.  मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे प्रकरण की समीक्षा और छात्रों की शिकायतों की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाने का निर्देश दिया है.  यह कमेटी आंदोलन रत  छात्रों से बात करेगी और उनकी मांगों से सरकार को अवगत कराकर आगे कार्रवाई करेगी.

 इधर , डुमरी के विधायक जयराम महतो ने मंगलवार को धनबाद में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का इस्तीफा मांग लिया। परीक्षा और नौकरी में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ उन्होंने अब निर्णायक लड़ाई की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की पुण्यतिथि पर हम सभी युवाओं से आह्वान करते हैं कि वे झारखंड के बच्चों के साथ हुए इस अन्याय के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर योगदान दें। जरुरत  पड़ी तो JLKM सभी मांगों को लेकर रांची कूच करेगा और मुख्यमंत्री का घेराव तक  किया जाएगा. उन्होंने रांची के आंदोलन में JLKM के नेताओं की भागीदारी के संबंध में कहा कि सभी छात्र हैं. अगर उन्हें चुनौती दी जाएगी, तो वे पार्टी छोड़कर आंदोलन में शामिल हो जाएंगे, लेकिन आंदोलन कभी नहीं छोड़ेंगे.

उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोग झारखंड में नौकरी कर रहे हैं. यह कैसे संभव है? बिहार, बंगाल, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमाएं तो झारखंड से सटी हुई हैं, लेकिन हरियाणा के लोग झारखंड कैसे पहुंच गए? निश्चित रूप से इसमें भारी गड़बड़ी हुई है. उन्होंने कहा कि CID की जांच तो एक धोखा है. चूंकि CID राज्य सरकार के अधीन एजेंसी है, इसलिए उससे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती. उन्होंने इस पूरे मामले की जांच CBI से कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि आज झारखंड में जमीन माफिया सक्रिय हैं. कोयला माफिया और बालू माफिया के बाद अब जमीन माफिया झारखंड के लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन चुके हैं. जयराम महतो ने कहा कि युवाओं को आगे आना चाहिए. उन्होंने बिहार के बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम पर भी अपनी राय रखी.