अनशन पर बैठे जयराम बोले “झारखंड का हाल देख संविधान बनाने वाले रो रहे होंगे"

अनशन पर बैठे जयराम बोले “झारखंड का हाल देख संविधान बनाने वाले रो रहे होंगे"

रांची (RANCHI): JPSC-JSSC से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन रविवार को 16वें दिन में प्रवेश कर गया. आंदोलन के समर्थन में डुमरी विधायक जयराम महतो भी एक दिवसीय अनशन पर बैठ गए. इस दौरान उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि अब इस लड़ाई को और मजबूती से आगे बढ़ाने का समय आ गया है.

सरकार नहीं सुन रही तो सामने आकर लड़ना होगा

द न्यूज पोस्ट की टीम से बातचीत में जयराम महतो ने कहा कि छात्र पिछले 16 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. इसके बावजूद सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है. ऐसे में अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि समय आ गया है कि इस लड़ाई में सामने आकर मजबूती से आवाज उठाई जाए.

जयराम महतो ने राज्य के बाकी विधायकों से भी छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगर सभी विधायक एकजुट होकर एक दिन विधानसभा में भूख हड़ताल पर बैठ जाएं, तो सरकार पर छात्रों की बात सुनने का दबाव बढ़ेगा.

देवेंद्र नाथ महतो की सेहत को लेकर जताई चिंता

जयराम महतो ने पिछले आठ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो की सेहत को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि लगातार अनशन के कारण देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत खराब हो रही है. डॉक्टर भी उन्हें अनशन समाप्त करने की सलाह दे रहे हैं. इसके बावजूद वह छात्रों की मांगों को लेकर अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं.

उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लेने की जरूरत है. इतने लंबे आंदोलन के बाद भी समाधान नहीं निकलना चिंताजनक है.

"झारखंड का हाल देखकर संविधान बनाने वाले रो रहे होंगे"

राज्य की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जयराम महतो ने कहा कि आज झारखंड की स्थिति देखकर संविधान बनाने वाले लोग भी दुखी होते. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की व्यवस्था में भ्रष्टाचार गहराई तक पहुंच चुका है. कुछ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से ईमानदार हो सकते हैं, लेकिन कई सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.

विधानसभा घेराव को लेकर किया बड़ा दावा

जयराम महतो ने आगामी विधानसभा घेराव को लेकर कहा कि यह आंदोलन का महत्वपूर्ण दिन होने वाला है. उन्होंने दावा किया कि विधानसभा घेराव ऐतिहासिक होगा और बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे. उनका कहना है कि छात्र अब अपने अधिकारों की लड़ाई को और तेज करने की तैयारी में हैं.