रांची (RANCHI): झारखंड सरकार ने प्रखंड और अंचल स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) और सीओ (अंचलाधिकारी) के पदस्थापन को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है. 2 जुलाई को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक संकल्प जारी कर दिया है. नई व्यवस्था का उद्देश्य अधिकारियों की कमी के बीच प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करना है.
सरकार के आदेश के अनुसार, राज्य के 164 प्रखंडों और अंचलों में एक ही अधिकारी बीडीओ और सीओ दोनों की जिम्मेदारी निभाएंगे. वहीं 54 प्रखंडों में केवल बीडीओ और 53 अंचलों में केवल अंचलाधिकारी की तैनाती की जाएगी. ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र में दोनों पदों के दायित्वों का निर्वहन करेंगे. सरकार का कहना है कि यह निर्णय राज्य प्रशासनिक सेवा (झारखंड प्रशासनिक सेवा) के मूल कैडर के अधिकारियों की कमी को देखते हुए लिया गया है. लंबे समय से पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की उपलब्धता नहीं होने के कारण कई पद खाली पड़े हैं, जिससे प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे. नई व्यवस्था से इन पदों पर कामकाज जारी रखने में सुविधा होगी.
हालांकि, इस फैसले को लेकर प्रशासनिक महकमे में चर्चा भी तेज हो गई है. मूल कैडर के अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था का असर उनकी पदोन्नति पर पड़ सकता है. अधिकारियों के अनुसार, कैडर में पर्याप्त रिक्तियां नहीं बनने के कारण उन्हें समय पर एसडीएम (अनुमंडल पदाधिकारी) स्तर पर पदोन्नति नहीं मिल पा रही है. परिणामस्वरूप कई अधिकारी लंबे समय तक अपने मूल कैडर में ही कार्य करने को मजबूर हैं. फिलहाल सरकार ने अधिकारियों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की है. माना जा रहा है कि भविष्य में पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की नियुक्ति और पदोन्नति के बाद इस व्यवस्था की समीक्षा भी की जा सकती है.

