टीएनपी डेस्क (TNP DESK): हूल दिवस के अवसर पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के वीर स्वतंत्रता सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष को झारखंड की पहचान बताया. सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो सहित सभी हूल वीरों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी विरासत को आगे बढ़ाना सरकार की जिम्मेदारी है.
हूल दिवस पर अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू, चाँद-भैरव और वीरांगना फूलो-झानो सहित हूल क्रांति के सभी वीर शहीदों की शहादत को शत-शत नमन और हूल जोहार। आज के इस अवसर पर मैं हमारे इन वीर पुरुखों के महान माता-पिता - चुन्नी मांझी और सुबी हांसदा जी को भी हूल जोहार करता हूं।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) June 30, 2026
30 जून 1855 को… pic.twitter.com/eBid6zLE39
मुख्यमंत्री ने हूल क्रांति के महानायक सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और वीरांगना फूलो-झानो समेत सभी अमर शहीदों को नमन करते हुए "हूल जोहार" कहा. उन्होंने इन महान योद्धाओं के माता-पिता चुन्नी मांझी और सुबी हांसदा को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए सम्मान व्यक्त किया.
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने 30 जून 1855 को संताल परगना के भोगनाडीह से शुरू हुई ऐतिहासिक हूल क्रांति को याद किया. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल विद्रोह नहीं था, बल्कि अन्याय, शोषण और दमनकारी व्यवस्था के खिलाफ आदिवासी समाज की अस्मिता और अधिकारों की लड़ाई थी. जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हमारे वीर पुरखों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, लेकिन अन्याय के सामने कभी झुके नहीं.
हेमंत सोरेन ने कहा कि हूल आंदोलन के वीरों का साहस और त्याग झारखंड की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. उनका संघर्ष आज भी लोगों को अपने अधिकारों, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए प्रेरित करता है. उन्होंने राज्य की जनता की ओर से सभी शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके बलिदान को हमेशा याद रखने का संकल्प दोहराया.
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि झारखंड राज्य अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर नई दिशा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि अबुआ सरकार वीर शहीदों के सपनों को साकार करने, आदिवासी समाज के सम्मान की रक्षा करने और राज्य के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को हूल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए "हूल जोहार", "जोहार झारखंड" और "जय झारखंड" का उद्घोष किया तथा सभी से वीर शहीदों के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया.

