DSP और डिप्टी जेलर पद का ये है रेट! JPSC-JSSC CGL मामले में बढ़ा जांच का दायरा, सफल अभ्यर्थियों तक पहुंची पड़ताल
झारखंड की चर्चित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. ऐसे में मामले को लेकर जांच का दायरा भी लगातार बढ़ता नजर आ रहा है.
रांची (RANCHI): झारखंड की चर्चित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं. ऐसे में मामले को लेकर जांच का दायरा भी लगातार बढ़ता नजर आ रहा है. इसी कड़ी में JPSC और JSSC-CGL से जुड़े मामलों में अब सिर्फ अभ्यर्थियों की भूमिका ही नहीं, बल्कि परीक्षा एजेंसी, कोचिंग संस्थानों, सेटिंग कराने वालों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच होगी. वहीं जांच एजेंसी की ओर से अदालत में रखे गए तथ्यों के मुताबिक JSSC-CGL मामले में 500 से ज्यादा सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा चुकी है और अब याह भी जांच के घेरे में हैं.
जांच के दौरान ICN से जुड़े सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार की गिरफ्तारी और पूछताछ का भी जिक्र किया गया है. जांच में आरोप सामने आया है कि परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को बोकारो और गिरिडीह ले जाया गया था. वहां कथित तौर पर उन्हें परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों और उनके उत्तर याद कराने की व्यवस्था की गई थी. CID ने इस पूरे मामले की पड़ताल में मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आरोपियों के साथ-साथ उनके साथियों के बयानों को महत्वपूर्ण आधार बताया है. JPSC से जुड़े मामले में भी जांच एजेंसी कथित लेन-देन और चयन में गड़बड़ी के आरोपों की पड़ताल कर रही है. जांच में DSP और डिप्टी जेलर जैसे पदों पर चयन कराने के नाम पर कथित तौर पर लाखों रुपये लिए जाने के आरोपों को शामिल किया गया है. रिपोर्ट में आइजोल में 2.50 लाख रुपये के कथित लेन-देन का भी जिक्र किया गया है.
इसके अलावा एक अभ्यर्थी के इंटरव्यू अंक में कथित तौर पर 80 अंकों की बढ़ोतरी किए जाने का मामला भी जांच के दायरे में है. आरोप है कि अंक बढ़ाने के बदले पैसों का लेन-देन हुआ. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क में कोचिंग संस्थानों, परीक्षा एजेंसी के कर्मचारियों, बिचौलियों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका थी. जांच रिपोर्ट में 24 अभ्यर्थियों से जुड़े कथित सेटिंग नेटवर्क का भी उल्लेख किया गया है. इसके लिए करीब 50 हजार रुपये प्रति माह किराये के मकान के इस्तेमाल की बात सामने आई है. जांच एजेंसी अब कथित नेटवर्क के पूरे संपर्क, पैसों के लेन-देन और परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों तक पहुंची जानकारी के स्रोत की पड़ताल कर रही है.