झारखंड में GST हुआ हाईटेक! ट्रैक एंड ट्रेस होगा डिजिटल, नियम तोड़े तो लगेगा ₹1 लाख तक का जुर्माना
झारखंड में GST व्यवस्था को हाईटेक बनाया गया है. सरकार ने Track and Trace सिस्टम लागू किया है, जिससे चुनिंदा सामान की सप्लाई चेन पर डिजिटल नजर रखी जाएगी. नियम तोड़ने पर ₹1 लाख तक जुर्माना लगेगा.
रांची (RANCHI): झारखंड में टैक्स चोरी पर लगाम लगाने के लिए जीएसटी व्यवस्था को और तकनीक आधारित बनाया जा रहा है. राज्य सरकार ने झारखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 लागू कर दिया है. राज्यपाल की मंजूरी के बाद विधि विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. नए प्रावधान के तहत सरकार चुनिंदा वस्तुओं के लिए ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम लागू कर सकेगी. इससे किसी उत्पाद के निर्माण से लेकर उसकी अंतिम बिक्री तक पूरी सप्लाई चेन पर डिजिटल तरीके से नजर रखी जा सकेगी.
सामान पर लग सकती है डिजिटल पहचान
नए प्रावधान के तहत सरकार अधिसूचना जारी कर कुछ वस्तुओं या उनके पैकेट पर यूनिक आइडेंटिफिकेशन मार्किंग लगाना अनिवार्य कर सकती है. यह डिजिटल स्टांप या किसी अन्य सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक पहचान के रूप में हो सकता है. निर्धारित पहचान चिह्न को हटाने या उसमें किसी तरह का बदलाव करने की अनुमति नहीं होगी. इस व्यवस्था से विभाग यह पता लगाने में सक्षम होगा कि कोई वस्तु कहां तैयार हुई, किस कारोबारी के पास पहुंची और आखिर में उसकी बिक्री कहां हुई. सरकार को उम्मीद है कि इससे फर्जी बिलिंग, बिना बिल के कारोबार और टैक्स चोरी जैसी गतिविधियों पर नजर रखना आसान होगा.
जीएसटी कानून में कई बदलाव
अध्यादेश के जरिए जीएसटी कानून के कुछ प्रावधानों और परिभाषाओं में भी बदलाव किया गया है. प्लांट या मशीनरी से जुड़े प्रावधानों में संशोधन के साथ विशेष आर्थिक क्षेत्र यानी SEZ और Free Trade Warehousing Zone में रखे माल की सप्लाई से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है. सरकार के मुताबिक, इन संशोधनों से राज्य का जीएसटी कानून केंद्रीय जीएसटी प्रावधानों के ज्यादा अनुरूप होगा और टैक्स प्रशासन को प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी. कुछ बदलावों को 1 जुलाई 2017 से प्रभावी माना गया है.
नियम तोड़े तो ₹1 लाख से ज्यादा का जुर्माना
ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने वाले कारोबारियों पर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है. उल्लंघन की स्थिति में कम से कम 1 लाख रुपये या देय कर की 10 प्रतिशत राशि, जो भी अधिक होगी, उतना जुर्माना लगाया जा सकता है. इसके अलावा जीएसटी के उन मामलों में भी अपील प्रक्रिया बदली गई है, जहां आदेश में केवल जुर्माना लगाया गया है और किसी कर की मांग नहीं की गई है. ऐसे मामलों में अपील दाखिल करने से पहले जुर्माने की राशि का 10 प्रतिशत जमा करना होगा.
पांच बातों में समझें ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम
• चुनिंदा वस्तुओं और पैकेट पर डिजिटल पहचान चिह्न लगाया जा सकेगा.
• उत्पादन से बिक्री तक सामान की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी.
• पूरी सप्लाई चेन की डिजिटल जानकारी जुटाना आसान होगा.
• फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी पर शिकंजा कसने में मदद मिलेगी.
• नियमों का उल्लंघन करने पर ₹1 लाख या देय कर का 10 प्रतिशत, जो अधिक हो, जुर्माना लगाया जाएगा.
कुल मिलाकर, झारखंड सरकार का यह कदम जीएसटी व्यवस्था में डिजिटल निगरानी बढ़ाने और कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में अहम माना जा रहा है.