विश्व आदिवासी दिवस पर झारखंड में कल भव्य आयोजन, मोरहाबादी मैदान में दिखेगी जनजातीय संस्कृति की झलक

रांची: विश्व आदिवासी दिवस पर झारखंड की राजधानी रांची में रविवार, 9 अगस्त 2026 को आदिवासी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और जीवन-दर्शन का भव्य उत्सव देखने को मिलेगा. राज्य सरकार की ओर से ‘झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026’ का आयोजन मोरहाबादी मैदान में किया जा रहा है. महोत्सव की थीम "गौरवशाली आदिवासी संस्कृति "प्रकृति, जीवन दर्शन की झलकियां’ रखी गई है. कार्यक्रम की जानकारी आयोजन की आधिकारिक कार्यक्रम पुस्तिका में दी गई है.

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कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 1:30 बजे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आगमन से होगी. इसके बाद मुख्यमंत्री के साथ मुख्य अतिथि के रूप में राज्यपाल के आगमन और स्वागत का कार्यक्रम निर्धारित है. करीब 1:39 बजे पाईक दल द्वारा पारंपरिक रूप से मुख्य अतिथि का स्वागत किया जाएगा. इसके बाद प्रदर्शनी, तृतीयक फिल्म महोत्सव, इमर्जिंग जोन और नेचर फोटोग्राफी शिविर का उद्घाटन होगा.

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कार्यक्रम में शहीद दिवस पर पुष्पांजलि के बाद नाट्य प्रस्तुति, वीडियो लोकार्पण और अतिथियों का सम्मान भी किया जाएगा. कार्यक्रम सूची के अनुसार मुख्यमंत्री और राज्यपाल के संबोधन के साथ विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का सिलसिला आगे बढ़ेगा.

देश के कई राज्यों के कलाकार देंगे प्रस्तुति

महोत्सव का सबसे खास आकर्षण शाम से शुरू होने वाला विशेष कला कार्यक्रम होगा. करीब 4:15 बजे से अलग-अलग राज्यों के आदिवासी कलाकार अपनी कला और संस्कृति की प्रस्तुति देंगे. कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल, मणिपुर, महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कलाकार शामिल हैं. इसके बाद पंजाब और झारखंड के कलाकार भी अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियां देंगे.

कार्यक्रम के अनुसार 4:15 बजे पश्चिम बंगाल, 4:40 बजे मणिपुर, 5 बजे महाराष्ट्र, 5:15 बजे ओडिशा, 5:30 बजे छत्तीसगढ़ और 5:45 बजे राजस्थान के आदिवासी कलाकार प्रस्तुति देंगे. इसके बाद 6 बजे पंजाब के कलाकारों की प्रस्तुति और 6:15 बजे झारखंड के कलाकारों का कार्यक्रम निर्धारित है.

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शाम 6:30 बजे चोखा एंड होटल की प्रस्तुति के बाद रात 7 बजे 15 मिनट का विशेष कार्यक्रम होगा. इसके बाद 7:30 बजे नेपाली कलाकारों की प्रस्तुति और अंत में रात 8:15 बजे ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा.

इस तरह 9 अगस्त को मोरहाबादी मैदान में झारखंड की जनजातीय विरासत के साथ देश के विभिन्न हिस्सों की लोक एवं आदिवासी कला, संगीत और नृत्य का संगम देखने को मिलेगा. आदिवासी दिवस का यह आयोजन संस्कृति, परंपरा और विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत करने वाला प्रमुख कार्यक्रम होगा.