पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बयान पर सियासी बवाल,बाबूलाल ने उठाया सवाल, टेंशन में अम्बा   

पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ट नेता योगेंद्र साव के बयान से राज्य में सियासी बवाल खड़ा हो गया. सत्ता में रहने के बावजूद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सवाल उठाया. जिसके बाद अब नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उस बयान को पोस्ट करते हुए राज्य सरकार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर की सवाल उठाया है.

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बयान पर सियासी बवाल,बाबूलाल ने उठाया सवाल, टेंशन में अम्बा

रांची(RANCHI): पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ट नेता योगेंद्र साव के बयान से राज्य में सियासी बवाल खड़ा हो गया. सत्ता में रहने के बावजूद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सवाल उठाया. जिसके बाद अब नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उस बयान को पोस्ट करते हुए राज्य सरकार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर की सवाल उठाया है. साथ ही मामला बढ़ता देख कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और बड़कागाँव की पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद ने योगेंद्र के बयान को पाटने की कोशिश की है. लेकिन अब इस पूरे मामले में राजनीतिक तपिश बढ़ गई है.

दरअसल हजारीबाग के उरीमरी में एक खास महल की जमीन को लेकर बीते शुक्रवार को पूर्व मंत्री और सदर अंचल अधिकारी के बीच तीखी बहस हुई. प्रशासनिक अधिकारी बुलडोजर लेकर खासमहल जमीन के अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे. लेकिन इस जमीन को पूर्व मंत्री योगेंद्र साव अपना मालिकाना हक बताते हुए अधिकारी से भीड़ गए. देखते ही देखते तीखी बहस और गाली गलौज तक बात पहुँच गई. इस पूरे बवाल के बीच देर शाम पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने मीडिया के सामने बयान दिया. जिसमें उन्होंने प्रशासनिक महकमे के साथ साथ सूबे के मुखिया हेमंत सोरेन को सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री बता दिया. इतना ही उद्योग पति के हाथ झारखंड को बेचने का आरोप भी लगाया.

अब देखते ही देखते इस बयान को लेकर राज्य में राजनीतिक बवाल खड़ा दिया. पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने इस बयान को अपने सोशल साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधा और पूछा की जब पूर्व मंत्री कांग्रेस के कद्दावर नेता जब खुद मुख्यमंत्री पर सवाल खड़ा कर रहे है. ऐसे में साफ है कि राज्य की जनता का हाल क्या होगा. उन्होंने राहुल गांधी से भी सवाल पूछा की आखिर कब तक चुप बैठेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ मंत्री और नेता सत्ता की चासनी चाटने में लगे है वह बयान देने से बचते है. लेकिन योगेंद्र साव का बयान राज्य सरकार की पोल खोल रहा है. जिससे यह साबित होता है कि झारखंड में लूट मची है.

वहीं बवाल बढ़ता देख कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की बेटी अम्बा प्रसाद ने इसे पाटने की कोशिश की है. जिसमें उन्होंने अपने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि पूर्व मंत्री योगेंद्र साव से मुख्यमंत्री के प्रति व्यक्तिगत टिप्पणी करने की अपेक्षित नहीं थी. इस पोस्ट के बाद फिर अम्बा प्रसाद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि खासमहल के मैन्यूल तक दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगनी चाहिए. विधायिका और कार्यपालिक की नाकामी का शिकार राज्य की जनता हो रही है. प्रशासनिक अधिकारी एक तरफ कार्रवाई कर रहे है.