बंगाल में हादसे के बाद झारखंड में भी बढ़ी चौकसी, पंडालों का दुबारा सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश 

बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे के बाद झारखंड में चौकसी बढ़ा दी गई है. पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है. सूत्रों के अनुसार झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिले के एसएसपी और एसपी को दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था का फिर से ऑडिट करने को कहा है.

बंगाल में हादसे के बाद झारखंड में भी बढ़ी चौकसी, पंडालों का दुबारा सुरक्षा ऑडिट करने का निर्देश

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बंगाल में दुर्गा पूजा पंडाल में हुए हादसे के बाद झारखंड में चौकसी बढ़ा दी गई है. पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है. सूत्रों के अनुसार झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिले के एसएसपी और एसपी  को दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था का फिर से ऑडिट करने को कहा है. झारखंड के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बंगाल पूजा पंडाल में मची भगदड़ में लोगों की मौत पर रविवार को गहरा दुख व्यक्त किया है. सूत्रों के अनुसार मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि सभी पंडालों में सुरक्षा मानकों की जांच की जाए. पूजा समितियां ने सुरक्षा मानकों का पालन किया है या नहीं, इसकी समीक्षा की जाए. 

अक्टूबर महीने में आंधी और तेज बारिश से ढहते रहे हैं पंडाल 

उल्लेखनीय है कि अक्टूबर महीने में आंधी और तेज बारिश की वजह से पंडालों का ढांचा ढहता रहा है. झारखंड के धनबाद और कई इलाकों में पिछले साल तेज हवा और बारिश के कारण पंडाल क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. कोलकाता में बारिश के दौरान मची अफरातफरी और मौतों से यह स्पष्ट हो गया है कि पंडाल की खूबसूरती नहीं बल्कि उसकी मजबूती और वाटर प्रूफिंग सबसे ज्यादा जरूरी है. शनिवार को बंगाल में पूजा के आनंद के बीच बड़ा हादसा हो गया. चोर बागान के मंडप का एक हिस्सा टूटकर गिर गया. 

हादसे में 19 लोगो की हो गई है मौत, बंगाल में शोक 

इसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.  इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो चुकी है और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए है. दरअसल, शनिवार की शाम कोलकाता के कई हिस्सों में बारिश हुई. बारिश से बचने के लिए दर्शको में धक्का-मुक्की  शुरू हो गई और शायद इसी वजह से यह हादसा हुआ होगा। शनिवार की रात करीब 7 बजकर 40 मिनट पर गिरीश पार्क थाना क्षेत्र के चोर बागान के सारदा पार्क में बने पूजा पंडाल में लोगों की भीड़ उमड़ रही थी. इस दौरान तेज बारिश भी हो रही थी. भीगने से बचने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पंडाल के अंदर दाखिल होने की जद्दोजहद करने लगी. इसी दौरान भगदड़ मच गयी और बड़ा हादसा हो गया. 

25-25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और ‘ग्रुप-डी’ की सरकारी नौकरी

इधर, बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्यभर के प्रमुख पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था और ढांचागत स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. मृतको के परिजनों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है. रविवार को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जानने के बाद मुख्यमंत्री ने मृतकों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और ‘ग्रुप-डी’ की सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर बनी इस उच्चस्तरीय समिति में राज्य के 3 प्रमुख अधिकारियों को शामिल किया गया है. इनके नाम इस प्रकार हैं.
राजेश सिन्हा, प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग,अनुज शर्मा, महानिदेशक, अग्निशमन सेवा, जावेद शमीम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक-कानून व व्यवस्था
डीजीपी (DGP) के मार्गदर्शन में यह विशेष दल राज्य और कोलकाता के सभी बड़े व अति-व्यस्त पूजा पंडालों का मौके पर जाकर ढांचागत और सुरक्षा निरीक्षण करेगा.