JSSC नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट में लंबी सुनवाई, अभ्यर्थियों की नजर फैसले पर

झारखंड में JSSC CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में लंबी सुनवाई हुई. जस्टिस दीपक रोशन की एकलपीठ में मामले की सुनवाई हुई.

JSSC नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर हाईकोर्ट में लंबी सुनवाई, अभ्यर्थियों की नजर फैसले पर

रांची (RANCHI): झारखंड में JSSC CGL समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्तियों को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में लंबी सुनवाई हुई. जस्टिस दीपक रोशन की एकलपीठ में मामले की सुनवाई हुई. इन याचिकाओं में JSSC CGL 2023 के अलावा JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, CDPO और Food Safety Officer परीक्षा से जुड़े सरकारी फैसलों को चुनौती दी गई है.

राज्य सरकार ने शपथपत्र किया दाखिल 
सुनवाई के दौरान प्रार्थी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव रंजन समेत अन्य अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें रखीं. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पूरी परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करने के लिए पर्याप्त आधार होना जरूरी है. वहीं, राज्य सरकार और संबंधित आयोग की ओर से पहले ही विस्तृत जवाबी शपथपत्र अदालत में दाखिल किया जा चुका है.

हाईकोर्ट ने पहले भी लगाई थी रोक 
JSSC CGL नियुक्तियों के मामले में इससे पहले हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के 18 अगस्त 2026 के उस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी, जिसके तहत नियुक्तियां रद्द करने का निर्णय लिया गया था. अदालत ने प्रभावित कर्मचारियों को फिलहाल काम जारी रखने की अनुमति भी दी थी.

मामले में अब अदालत के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सरकार द्वारा नियुक्तियां और परीक्षाएं रद्द करने के लिए प्रस्तुत किए गए आधार कानूनी रूप से पर्याप्त हैं या नहीं. दूसरी ओर, हजारों अभ्यर्थियों और नियुक्त कर्मचारियों की नजर हाईकोर्ट की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है.

किन परीक्षाओं पर पड़ेगा असर 
इस मामले का असर केवल JSSC CGL से जुड़े अभ्यर्थियों पर ही नहीं, बल्कि JPSC, CDPO और FSO जैसी अन्य परीक्षाओं से जुड़े उम्मीदवारों के भविष्य पर भी पड़ सकता है. इसलिए बुधवार की सुनवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.