रांची (RANCHI): राजधानी रांची के बहुचर्चित एक्सट्रीम स्पोर्ट्स बार एंड ग्रिल में डीजे संचालक संदीप प्रमाणिक की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने इस मामले में मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह उर्फ विक्की समेत कुल 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है. अदालत अब सभी दोषियों की सजा पर मंगलवार को सुनवाई करेगी. मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह फिलहाल जेल में बंद है और वहीं से मुकदमे का सामना कर रहा है. इस मामले में जिन आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, उनमें अभिषेक सिंह, अशोक कुमार सिंह, मो. शामिरूद्दीन, प्रतीक, मृत्युंजय कुमार, प्रकाश कुमार, दिवाकर उपाध्याय, आलोक दीवा, पंकज कुमार और सुमित कुमार शामिल हैं. अदालत द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के बाद अब सभी की निगाहें सजा के ऐलान पर टिकी हैं.
क्या था पूरा मामला?
यह मामला रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित एक्सट्रीम स्पोर्ट्स बार एंड ग्रिल से जुड़ा है. पुलिस जांच के अनुसार, पश्चिम बंगाल के रहने वाले संदीप प्रमाणिक बार में डीजे संचालक के रूप में कार्यरत थे. 26 मई 2024 की देर रात बार बंद होने के समय चार-पांच युवकों का बार के कर्मचारियों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया. देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई और मामला शांत होने के बाद सभी लोग वहां से चले गए.
जांच में सामने आया कि इस विवाद से नाराज मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह सीधे सेल सिटी स्थित अपने किराए के घर पहुंचा. वहां से उसने राइफल निकाली और अपने साथियों के साथ दोबारा एक्सट्रीम बार पहुंच गया. पुलिस के अनुसार, पहले से बनाई गई योजना के तहत अभिषेक बार के अंदर घुसा और डीजे संदीप प्रमाणिक की छाती में गोली मार दी. गोली लगते ही संदीप जमीन पर गिर पड़े और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी यहीं नहीं रुका. पुलिस के मुताबिक, उसने बार की पार्किंग में भी कई राउंड फायरिंग की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई. इसके बाद सभी आरोपी कार से मौके से फरार हो गए. घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन रांची एसएसपी और सिटी डीएसपी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे और जांच शुरू की.
इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की जांच के दौरान बार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस के हाथ लगी. फुटेज में बार के अंदर हुआ विवाद, मारपीट और उसके बाद हुई गोलीबारी की पूरी घटना रिकॉर्ड मिली. पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मजबूत चार्जशीट दाखिल की. ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर अदालत ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया. अब अदालत दोषियों की सजा पर अंतिम फैसला सुनाएगी, जिसका सभी को इंतजार है.

