रांची (RANCHI): जिसके नाम से पूरा ईलाका कांप जाता था, वह डॉन आज खुद की रिहाई की गुहार लगा रहा है. धनबाद का डॉन फ़हिम खान लंबे समय से जेल में बंद है. साथ ही उम्र के हिसाब से कई बीमारी से जूझ रहा है. जिसे देखते हुए हाई कोर्ट ने उसे रिहा करने का फैसला लिया. लेकिन यहां पर सरकार की मंजूरी जरूरी है, लेकिन राज्य सरकार ने कोई निर्णय अब तक नहीं लिया है. इस बीच ईलाज के लिए रिम्स पहुंचे फ़हिम खान ने सरकार से गुहार लगाई है.
फ़हिम खान ने कहा कि वह लंबे समय से जेल में बंद है. कोर्ट ने आदेश दे दिया रिहा करने का लेकिन सरकार अब तक इस पर अपना फैसला नहीं ले पाई है. ऐसे में उन्होंने कहा कि सरकार से गुहार है कि अब उन्हे रिहा कर दे. उन्होंने कोई बेकसूर को नहीं मारा अपने माँ बाप के कातिल का कत्ल किया है. अब कोर्ट का सम्मान करते हुए सरकार रिहाई को मंजूरी दे. उनके भी परिवार में बच्चे है. घर पर लोग है अब उनके बीच रहना है.
यह बयान फ़हिम खान ने रांची रिम्स में दिया. जब उन्हे कैदी वाहन से कड़ी सुरक्षा के बीच अस्पताल लाया गया. इस दौरान रिम्स के कैदी वार्ड में उनका ईलाज किया जा जा रहा है. कई बीमारी से वह जूझ रहे है. इसी आधार पर बीते कुछ माह पहले कोर्ट ने उम्र को देखते हुए रिहा किया जा सकता है. लेकिन इस रिहाई के आदेश पर कोर्ट ने राज्य सरकार को अंतिम निर्णय लेने का आदेश दिया है. जिसमें जेल में बंद कैदी के आचरण और विधि व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद रिहा किया जा सकता है.
बया दे कि फ़हिम खान 1989 में हुए सगिर नामक व्यक्ति हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहे है. वह लंबे समय से जेल में बंद है. 2009 में उन्हे एक कांड में गिरफ्तार किया गया. लेकिन इस बीच 2011 में सगिर हत्याकांड में दोषी करार दिया गया और कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. जिसके बाद से झारखंड के अलग अलग जेल में इनका ट्रांसफर होता रहा. अब फिलहाल जमशेदपुर के घाघीडीह जेल में बंद है. और रांची रिम्स में ईलाज कराया जा रहा है.