क्या रद्द होगी JPSC PT परीक्षा? CID जांच में खुल रहे चौंकाने वाले राज

क्या रद्द होगी JPSC PT परीक्षा? CID जांच में खुल रहे चौंकाने वाले राज

RANCHI: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी की जांच लगातार तेज होती जा रही है. इसी सिलसिले में CID ने आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते से शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन करीब नौ घंटे तक पूछताछ की. देर शाम पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी गई. जांच एजेंसी का दावा है कि अब तक मिले साक्ष्यों से परीक्षा प्रक्रिया में कई गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं. ऐसे में पीटी परीक्षा को रद्द किए जाने की संभावना भी तेज हो गई है.

OMR शीट जांच में सामने आ रही हैं कई अनियमितताएं

सीआईडी की जांच में ओएमआर शीट से जुड़ी कई संदिग्ध बातें सामने आई हैं. अभ्यर्थी सुमन सौरभ की गिरफ्तारी के बाद जांच को नई दिशा मिली है. पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि उसने परीक्षा में सीमित प्रश्नों के उत्तर दिए थे, फिर भी वह प्रारंभिक परीक्षा में सफल घोषित कर दिया गया. इसके बाद जांच एजेंसी ने ओएमआर शीट की जांच तेज कर दी है.

सीआईडी की ओर से नोटिस जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी जांच के लिए भेज रहे हैं. शुरुआती जांच में कई मामलों में रिकॉर्ड और अभ्यर्थियों के पास उपलब्ध प्रतियों के बीच अंतर मिलने की बात सामने आई है.

पूर्व अध्यक्ष से पूछे गए कई अहम सवाल

पूछताछ के दौरान सीआईडी अधिकारियों ने एल खियांग्ते से भर्ती प्रक्रिया, परीक्षा संचालन, परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया और परीक्षा से जुड़ी निजी एजेंसी की भूमिका को लेकर कई सवाल किए. अधिकारियों ने यह भी जानना चाहा कि ओएमआर शीट निजी एजेंसी टीडीपीएल के कार्यालय तक कैसे पहुंची और उनमें कथित छेड़छाड़ किन परिस्थितियों में हुई.

हालांकि, सूत्रों के मुताबिक इन सवालों पर पूर्व अध्यक्ष कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके. जांच एजेंसी अब उनके जवाबों की अन्य आरोपियों और उपलब्ध दस्तावेजों से तुलना कर रही है.

जांच के दायरे में आ सकते हैं आयोग के अन्य सदस्य

सीआईडी को अब तक की पूछताछ में ऐसे कई इनपुट मिले हैं, जिनके आधार पर आयोग के कुछ अन्य सदस्यों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है. पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के अधिकारियों और कर्मचारियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है.

इससे पहले जेपीएससी कार्यालय और परीक्षा संचालन करने वाली निजी एजेंसी टीडीपीएल के दफ्तर में तलाशी अभियान चलाया गया था. जांच के दौरान एजेंसी के कार्यालय से कई ओएमआर शीट बरामद हुई थीं, जिन्हें अब इस पूरे मामले का अहम सबूत माना जा रहा है.

रिमांड के बाद आरोपियों को भेजा गया जेल

सीआईडी ने रिमांड पर लिए गए तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज तिवारी, तकनीकी प्रोग्रामर मो. उस्मान, मो. एजाद और अन्य कर्मचारियों से कई दौर की पूछताछ की. पूछताछ पूरी होने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. बाद में जांच एजेंसी ने कुछ आरोपियों की रिमांड अवधि बढ़ाकर उनसे दोबारा पूछताछ भी की. इस दौरान पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को भी आमने-सामने बैठाकर कई बिंदुओं पर सवाल किए गए.

14वीं पीटी परीक्षा पर बढ़ा संकट

जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को राज्यभर के 564 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित हुई थी. परीक्षा परिणाम 2 जुलाई की रात घोषित किया गया, जिसमें 2,204 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था. मुख्य परीक्षा 25 से 27 जुलाई के बीच प्रस्तावित थी, लेकिन विवाद सामने आने के बाद इसे स्थगित कर दिया गया. अब सीआईडी की जांच पूरी होने तक आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं. यदि जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की पुष्टि होती है, तो प्रारंभिक परीक्षा रद्द किए जाने का फैसला भी लिया जा सकता है.