JPSC-JSSC Reform Manch पर साइबर पुलिस की नजर, सोशल मीडिया पोस्ट से लेकर IP एड्रेस तक की मांगी डिटेल

JPSC-JSSC परीक्षा सुधार आंदोलन के बीच रांची साइबर पुलिस ने @JPSCReformmanch सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी मांगते हुए संबंधित प्लेटफॉर्म को BNSS की धारा 94 के तहत नोटिस भेजा है.

JPSC-JSSC Reform Manch पर साइबर पुलिस की नजर, सोशल मीडिया पोस्ट से लेकर IP एड्रेस तक की मांगी डिटेल

RANCHI:JPSC-JSSC परीक्षा में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच अब इससे जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गए हैं. रांची साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने @JPSCReformmanch नाम के सोशल मीडिया अकाउंट को लेकर संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस भेजा है. पुलिस ने यह नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 94 के तहत जारी किया है. इसके जरिए अकाउंट से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराने को कहा गया है.

पुलिस के मुताबिक, JPSC-JSSC Reform Manch नाम के सोशल मीडिया हैंडल से झारखंड सरकार की कार्रवाई, पुलिस और आंदोलन से जुड़े कई पोस्ट, वीडियो और तस्वीरें साझा की गई थीं. पुलिस ने इनमें से कुछ सामग्री को प्रथम दृष्टया कथित तौर पर भ्रामक, गलत या आपत्तिजनक माना है. इसी आधार पर अकाउंट के संचालन के पीछे मौजूद व्यक्ति की पहचान और उसकी गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है.

नोटिस में पुलिस ने दावा किया है कि अकाउंट से कुछ ऐसी सामग्री पोस्ट की गई, जिसमें सरकार और पुलिस की कार्रवाई को लेकर गलत जानकारी दी गई. पुलिस के अनुसार, कुछ पोस्ट से लोगों के बीच भ्रम या भय की स्थिति पैदा होने, सरकारी कार्रवाई की गलत तस्वीर पेश करने और संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा प्रभावित होने की आशंका है.

पुलिस ने एक पोस्ट के संबंध में BNS की धारा 353 का उल्लेख किया है. इस प्रावधान के तहत सार्वजनिक शांति को प्रभावित करने वाली कथित झूठी जानकारी या अफवाह से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है. वहीं, एक अन्य पोस्ट को BNS की धारा 196 के तहत कथित गलत सूचना से जोड़कर देखा गया है. पुलिस का कहना है कि इसमें पुलिस की कार्रवाई और सरकारी हस्तक्षेप को लेकर ऐसे दावे किए गए, जिन्हें जांच एजेंसी सही नहीं मान रही है.

इसके अलावा एक पोस्ट के संदर्भ में BNS की धारा 356 यानी मानहानि का भी उल्लेख किया गया है. इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के जरिए कथित आपत्तिजनक सामग्री प्रकाशित किए जाने के संबंध में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 का भी नोटिस में जिक्र किया गया है.पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मुख्य रूप से अकाउंट संचालक की पहचान से जुड़ी जानकारी मांगी है. इसमें अकाउंट होल्डर का नाम, पता, मोबाइल नंबर, वैकल्पिक ई-मेल और रजिस्ट्रेशन के दौरान उपलब्ध कराई गई अन्य जानकारी शामिल है.

इसके साथ ही पुलिस ने अकाउंट की गतिविधियों से जुड़े लॉगिन और लॉगआउट रिकॉर्ड भी मांगे हैं. तारीख और समय के साथ IP एड्रेस से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है. नोटिस के अनुसार, पुलिस ने 10 अगस्त 2026 और उससे पहले की अवधि से संबंधित रिकॉर्ड मांगा है.

जांच के तहत अकाउंट चलाने में इस्तेमाल किए गए डिवाइस की जानकारी भी मांगी गई है. इसमें मोबाइल या अन्य डिवाइस का मॉडल, कंपनी और उपलब्ध होने पर IMEI जैसी तकनीकी जानकारी शामिल है. पुलिस इन जानकारियों के माध्यम से सोशल मीडिया अकाउंट के संचालन से जुड़े व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.

पुलिस का कहना है कि संबंधित अकाउंट की पहचान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री और उसके स्रोत की आगे जांच की जाएगी. साथ ही यह पता लगाने का प्रयास होगा कि संबंधित पोस्ट किस IP एड्रेस और किस डिवाइस से अपलोड किए गए थे.

यह पूरा मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 183/2026 से जुड़ा बताया गया है, जो 21 अगस्त 2026 को दर्ज हुआ था. फिलहाल सोशल मीडिया अकाउंट से संबंधित जानकारी जुटाने की प्रक्रिया जांच का हिस्सा है और आगे की कार्रवाई उपलब्ध तथ्यों एवं जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी.