NEET पेपर लीक पर झारखंड में बढ़ा विवाद, 25 को कांग्रेस तो 26 को आइसा करेगी विरोध प्रदर्शन

NEET पेपर लीक पर झारखंड में बढ़ा विवाद, 25 को कांग्रेस तो 26 को आइसा करेगी विरोध प्रदर्शन

रांची (RANCHI): NEET पेपर लीक मामले को लेकर झारखंड में विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है जहां राज्य के अलग अलग जिलों में विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इसको को लेकर राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर आज शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतरे और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामले में अब तक किसी की स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं हुई है. छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की बात कही. साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई.

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने झारखंड सरकार को भी निशाने पर लिया. उनका कहना था कि राज्य में छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिल रही है, शैक्षणिक सत्र नियमित नहीं हैं और कई शैक्षणिक समस्याएं अब भी बनी हुई हैं. आइसा ने घोषणा की कि 26 जुलाई को पूरे झारखंड में बड़े स्तर पर छात्र आंदोलन किया जाएगा. संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती अनियमितताओं और इससे युवाओं पर पड़ रहे मानसिक दबाव को लेकर भी चिंता जताई.

उधर, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश पर 25 जुलाई की शाम राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस की ओर से कैंडल मार्च और सत्याग्रह आयोजित किया जाएगा. प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने कहा कि NEET और अन्य परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं ने छात्रों और अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है. उन्होंने परीक्षा प्रणाली की विफलता की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफे की मांग की. कांग्रेस ने दावा किया कि इस कार्यक्रम में छात्र, युवा, अभिभावक, कांग्रेस कार्यकर्ता और समाज के विभिन्न वर्ग बड़ी संख्या में शामिल होंगे. पार्टी ने इसे केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा का जनसंकल्प बताया है.