JPSC विवाद में CID की जांच तेज! पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य से पूछताछ शुरू
JPSC विवाद में CID की जांच तेज हो गई है. पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य पूछताछ के लिए पहुंचीं, जबकि तीन सदस्यों के इस्तीफे और छात्रों के उग्र आंदोलन से मामला और गरमा गया है.
JPSC विवाद में CID की जांच तेज हो गई है. पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य पूछताछ के लिए पहुंचीं, जबकि तीन सदस्यों के इस्तीफे और छात्रों के उग्र आंदोलन से मामला और गरमा गया है.
रांची (RANCHI): JPSC परीक्षा विवाद मामले में CID की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. इसी क्रम में सोमवार को JPSC की पूर्व सदस्य अजीता भट्टाचार्य CID के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित हुईं. इससे पहले CID ने आयोग के तीनों सदस्यों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था. हालांकि, पूछताछ से ठीक पहले रविवार शाम JPSC के तीनों सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया. तीनों सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने में करीब एक महीने का समय ही बचा था. एक साथ तीन सदस्यों के इस्तीफे को JPSC विवाद के बीच महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है. आयोग के सदस्यों की भूमिका नियुक्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी प्रक्रिया में अहम होती है, ऐसे में उनके इस्तीफे और CID की पूछताछ ने मामले को और गंभीर बना दिया है.
इधर, JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन भी लगातार तेज है. राज्य के 24 जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचे और विधानसभा घेराव के लिए मार्च किया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिस की कई बैरिकेडिंग तोड़ी और विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास किया. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, जबकि ड्रोन कैमरों से भी प्रदर्शनकारियों पर नजर रखी गई. छात्रों की मांगों में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया में सुधार और JSSC CGL मामले में CBI जांच जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा.
वहीं, JPSC-JSSC विवाद का असर अब झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र में भी दिखाई दे रहा है. सदन में विधायक अरूप चटर्जी ने सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच हुई बातचीत का पूरा ब्योरा रखने की मांग की. जवाब में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने दावा किया कि सरकार ने छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें मान ली हैं. उन्होंने बताया कि जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में सुधार को लेकर सरकार कदम उठा रही है. परीक्षा गड़बड़ियों की जांच SIT कर रही है और जरूरत पड़ने पर ED से जांच कराने की बात भी कही गई है. सरकार ने नई SOP तैयार करने और IIT, IIM रांची व XLRI जमशेदपुर जैसे संस्थानों से सुझाव लेने का प्रस्ताव रखा है. दूसरी ओर, BJP और NDA विधायक भी सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और CBI जांच की मांग उठा रहे हैं. इस तरह सड़क पर छात्रों का आंदोलन, सदन में सियासी टकराव और CID की जांच के बीच JPSC विवाद लगातार गहराता जा रहा है.