चेंबर चुनाव: 3 टीमों के बीच होगा महामुकाबला, 13 सितंबर को खुलेंगे कारोबारियों के किस्मत के पत्ते
रांची में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स का चुनाव इस बार त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गया है. मुकेश अग्रवाल, तुलसी पटेल और P21 टीम के बीच जोरदार टक्कर है.
रांची में झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स का चुनाव इस बार त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गया है. मुकेश अग्रवाल, तुलसी पटेल और P21 टीम के बीच जोरदार टक्कर है.
रांची (RANCHI): राजधानी रांची में इन दिनों व्यापारियों के बीच कारोबार की बातें थोड़ी पीछे छूट गई हैं और चुनावी रणनीतियां चर्चा के केंद्र में आ गई हैं. झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स का आगामी चुनाव इस बार खासा दिलचस्प हो गया है. वजह है पहली बार मैदान में तीन मजबूत टीमें उतरना. मुकाबला इतना हाई-वोल्टेज है कि माहौल देखकर लगता है जैसे किसी विधानसभा सीट पर चुनाव हो रहा हो. होटलों में बैठकें, बाजारों में मुलाकातें और सोशल मीडिया पर समर्थन जुटाने की मुहिम तेज हो चुकी है. उम्मीदवार व्यापारियों से संपर्क साध रहे हैं और हर वोट को अपने पक्ष में करने की कोशिश हो रही है. कहीं सुबह की चाय पर रणनीति बन रही है तो कहीं लंच और डिनर के दौरान चुनावी समीकरणों पर चर्चा हो रही है. यहां तक की व्हाट्सऐप ग्रुप और सोशल मीडिया पर भी चुनावी माहौल बनता जा रहा है.
जानिए कौनसी तीन टीमें हैं मैदान
इस चुनावी मुकाबले में टीम मुकेश अग्रवाल को अनुभवी चेहरों का समर्थन हासिल है. अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मुकेश अग्रवाल व्यापारियों की समस्याओं को सरकार और प्रशासन के सामने मजबूती से उठाने और कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने का दावा कर रहे हैं. उनकी टीम में किशोर मंत्री, कुणाल आजमानी, प्रवीण लोहिया, पंकज पोद्दार और डॉ. अभिषेक रामाधीन जैसे अनुभवी नाम शामिल बताए जा रहे हैं. टीम का जोर अनुभव और मजबूत नेटवर्क के जरिए चुनावी बढ़त बनाने पर है.
वहीं टीम तुलसी पटेल ने भी मुकाबले को बेहद रोचक बना दिया है. पिछले चुनाव की हार के बाद इस बार टीम ने अपने समीकरणों में बड़ा बदलाव किया है. मौजूदा चैंबर टीम के महासचिव रोहित अग्रवाल का तुलसी पटेल के खेमे में शामिल होना चुनावी चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है. इस टीम के साथ राम बांगड़, रोहित अग्रवाल, नवजोत अलंग, रोहित पोद्दार, अनिल अग्रवाल, राहुल साबू, मनीष सर्राफ, अमित शर्मा, ज्योति कुमारी, पूजा ढाढा, विकास विजयवर्गीय, शैलेश अग्रवाल और अनीश बुधिया जैसे नाम जुड़े हैं. टीम का दावा है कि अनुभव और नई ऊर्जा के साथ चैंबर को ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा. इन दोनों के बीच टीम P21 ने मुकाबले में तीसरा कोण जोड़ दिया है. टीम ने P21 को पांच विचारों से जोड़ते हुए प्रिंसिपल, पीपुल, पार्टिसिपेशन, प्रोसेस और पीपुल मैंडेट की अवधारणा सामने रखी है. यानी टीम का फोकस सिद्धांत, व्यापारियों की भागीदारी, पारदर्शी प्रक्रिया और सामूहिक निर्णय पर बताया जा रहा है. नई टीम के मैदान में उतरने से चुनावी गणित और दिलचस्प हो गया है.
12 सितंबर को वार्षिक आमसभा और इसके अगले दिन 13 सितंबर को मारवाड़ी भवन में मतदान होना है. उससे पहले हर टीम अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटी है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि व्यापारियों का भरोसा आखिर किस पर टिकता है. मुकाबले में अनुभव भारी पड़ेगा, बदले हुए समीकरण असर दिखाएंगे या फिर नई सोच के साथ उतरी P21 बाजी मार लेगी, इसका जवाब मतदान के बाद ही मिलेगा. फिलहाल रांची के कारोबारी इलाकों में चुनावी चर्चाएं तेज हैं और हर खेमा अपने-अपने समीकरण साधने में लगा है. अब 13 सितंबर का दिन ही बताएगा कि चैंबर की कमान किस टीम के हाथ जाती है.