Census 2027: 16 साल बाद फिर होगी जनगणना, जानिए जाति से लेकर घर की सुविधाओं तक दर्ज होगी कौन-कौन सी जानकारी

Census 2027 में देश की जनगणना दो चरणों में होगी. इस बार डिजिटल प्रक्रिया, Self-Enumeration और जाति गणना सबसे बड़े बदलाव होंगे. जानिए जनगणना कब होगी, क्या जानकारी ली जाएगी और डेटा कितना सुरक्षित रहेगा.

Census 2027: 16 साल बाद फिर होगी जनगणना, जानिए जाति से लेकर घर की सुविधाओं तक दर्ज होगी कौन-कौन सी जानकारी

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): भारत में करीब 16 साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. Census 2027 को लेकर केंद्र सरकार ने इसकी पूरी प्रक्रिया को दो चरणों में कराने की योजना बनाई है. इस बार की जनगणना कई मायनों में पहले से अलग होगी. इसमें डिजिटल तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जाएगा, लोगों को खुद अपनी जानकारी दर्ज करने यानी Self-Enumeration की सुविधा मिलेगी और सबसे अहम बदलाव के तौर पर जाति से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी.

दो चरणों में पूरी होगी जनगणना

Census 2027 की प्रक्रिया को मुख्य रूप से दो हिस्सों में बांटा गया है. पहला चरण House Listing and Housing Census होगा, जबकि दूसरे चरण में Population Enumeration के जरिए देश की आबादी से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी. पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सुविधा के अनुसार 30 दिनों की अवधि में कराया जाना प्रस्तावित है. इस दौरान घरों और उनमें उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी. इसके बाद फरवरी 2027 में आबादी की विस्तृत गणना का दूसरा चरण प्रस्तावित है.

पहले चरण में सिर्फ यह नहीं पूछा जाएगा कि किसी घर में कितने लोग रहते हैं, बल्कि मकान और उसमें उपलब्ध सुविधाओं से जुड़ी कई जानकारियां दर्ज की जाएंगी. इसमें मकान का इस्तेमाल किस उद्देश्य से हो रहा है, उसकी स्थिति कैसी है, परिवार में कितने सदस्य हैं और परिवार के मुखिया से संबंधित जानकारी शामिल होगी. इसके अलावा घर में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और घरेलू संपत्तियों से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित जानकारी भी इस चरण में ली जाएगी.

दूसरे चरण यानी Population Enumeration में देश के प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी. इसमें जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, सांस्कृतिक, प्रवासन और प्रजनन से संबंधित विभिन्न जानकारियां शामिल होंगी. इसी चरण की सबसे बड़ी खासियत जाति की गणना होगी. सरकार ने इस बार सभी समुदायों से संबंधित जातिगत जानकारी जुटाने का फैसला किया है. यह जानकारी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दर्ज की जाएगी. माना जा रहा है कि जाति संबंधी आंकड़ों से सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझने तथा भविष्य में कल्याणकारी योजनाओं की बेहतर योजना बनाने में मदद मिल सकती है.

पहली बार खुद भी भर सकेंगे जनगणना की जानकारी

Census 2027 में लोगों के लिए Self-Enumeration की सुविधा भी उपलब्ध होगी. यानी लोग निर्धारित डिजिटल माध्यम के जरिए अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे. इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर दर्ज जानकारी का सत्यापन करेंगे. डिजिटल प्रक्रिया अपनाने का मकसद डेटा संग्रह को अधिक तेज, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है. इससे जनगणना के दौरान जानकारी जुटाने और उसके प्रबंधन की प्रक्रिया में भी तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा.

जनगणना को लेकर सोशल मीडिया और अलग-अलग रिपोर्टों में कोविड वैक्सीन से संबंधित सवाल शामिल किए जाने की चर्चा भी चल रही है. हालांकि, दूसरे चरण की पूरी और अंतिम प्रश्नावली अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. इसलिए इस तरह की जानकारी को अंतिम सरकारी सूची मानना सही नहीं होगा. Population Enumeration के प्रश्न बाद में आधिकारिक रूप से अधिसूचित किए जाएंगे.

Census 2027 को लेकर यह दावा भी सामने आ रहा है कि जनगणना में कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे. हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि पहले चरण की प्रश्नावली आधिकारिक रूप से जारी हो चुकी है, जबकि दूसरे चरण के सभी प्रश्नों की अंतिम सूची अभी अधिसूचित नहीं हुई है. इसलिए जनगणना के सवालों को लेकर सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर सामने आ रही सूचनाओं को अंतिम मानने के बजाय सरकारी अधिसूचना का इंतजार करना जरूरी है.

जनगणना के दौरान नागरिकों से ली जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता को लेकर भी नियम स्पष्ट हैं. सरकार के अनुसार Census Act की धारा 15 के तहत व्यक्तिगत जनगणना संबंधी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता. ऐसी व्यक्तिगत जानकारी को RTI के जरिए भी हासिल नहीं किया जा सकता. इस तरह Census 2027 सिर्फ आबादी गिनने की प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि घरों की स्थिति, नागरिकों की सामाजिक-आर्थिक जानकारी और जातिगत आंकड़ों का बड़ा डेटाबेस तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी. अब लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि दूसरे चरण की अंतिम प्रश्नावली कब जारी होती है और जनगणना की डिजिटल प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है.