JPSC-JSSC भर्ती विवाद पर युवाओं का हल्ला बोल, पेपर लीक से लेकर रिजल्ट में देरी तक उठाए बड़े सवाल

JPSC-JSSC भर्ती विवाद पर युवाओं का हल्ला बोल, पेपर लीक से लेकर रिजल्ट में देरी तक उठाए बड़े सवाल

रांची(RANCHI): झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. JPSC और JSSC की कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप, रिजल्ट में देरी और अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों ने एक बार फिर भर्ती व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं.

युवाओं का कहना है कि वे सालों तक मेहनत करके सरकारी नौकरी की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और देरी की वजह से उनका भविष्य अंधेरे मे चला जाता है. इसी मुद्दे को लेकर रांची में प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की मांग उठाई.

JSSC CGL पेपर लीक मामले पर उठे सवाल

प्रेस वार्ता में सबसे ज्यादा चर्चा JSSC CGL पेपर लीक मामले को लेकर हुई. अभ्यर्थियों ने सवाल उठाया कि इस मामले की जांच कहां तक पहुंची है और अगर CID ने अपनी जांच पूरी कर ली है तो रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई.

अभ्यर्थियों ने मांग की कि जांच रिपोर्ट को सामने लाया जाए और अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी साबित होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. उनका कहना है कि पारदर्शिता के बिना युवाओं का भरोसा भर्ती आयोगों पर कायम नहीं रह सकता.

विवादित नियुक्तियों की जांच की मांग

JSSC- CGL परीक्षा के तहत अभय तिवारी की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए. अभ्यर्थियों ने इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि किसी भी नियुक्ति पर सवाल उठते हैं तो उसकी पूरी जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

इसके अलावा JPSC और JSSC की उन सभी परीक्षाओं की समीक्षा की मांग की गई है, जिन पर धांधली या अनियमितता के आरोप लगे हैं. अभ्यर्थियों ने कहा कि भर्ती आयोगों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है.

TDPL कंपनी की भूमिका पर भी सवाल

प्रेस वार्ता में TDPL कंपनी द्वारा आयोजित परीक्षाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए. अभ्यर्थियों ने मांग की कि कंपनी की ओर से कराई गई परीक्षाओं की जांच की जाए और अगर किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो.

युवाओं की मांग - समय पर हो भर्ती प्रक्रिया

अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए समय बहुत ज़रूरी होता है. परीक्षा में देरी, विवाद और अनिश्चितता से छात्रों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

उन्होंने मांग की कि भर्ती परीक्षाओं को तय समय पर पूरा किया जाए, शिकायतों के समाधान के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई जाए और भविष्य की परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाए.

अभ्यर्थियों ने साफ किया कि यह विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि झारखंड में एक ऐसी भर्ती व्यवस्था की मांग है, जहां मेहनत करने वाले युवाओं को बिना किसी डर और संदेह के अपना हक मिल सके.