रांची (RANCHI): अगर आप भी कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है. दरअसल 12वीं से लेकर MBBS, MD और फिर DM Cardiology तक कई अहम पड़ाव पार करने होते हैं. झारखंड के प्रतिष्ठित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS), रांची में भी इस क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी की पढ़ाई का अवसर मिलता है. आइए जानते हैं कि RIMS से कार्डियोलॉजिस्ट बनने के लिए आपको किन-किन चरणों से गुजरना होगा और इस करियर में आगे बढ़ने का पूरा रोडमैप.
12वीं में PCB विषयों के साथ करें पढ़ाई
कार्डियोलॉजिस्ट बनने की शुरुआत स्कूल स्तर से ही होती है. इसके लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण करना जरूरी है. इसी दौरान NEET UG की तैयारी शुरू कर देना बेहतर माना जाता है, क्योंकि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश का रास्ता इसी परीक्षा से होकर जाता है.
NEET UG पास कर MBBS में लें दाखिला
12वीं के बाद अगला लक्ष्य NEET UG परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करना होता है. इस परीक्षा के अंकों के आधार पर RIMS रांची या अन्य सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS में प्रवेश मिलता है.
MBBS कोर्स की कुल अवधि 5.5 वर्ष होती है, जिसमें:
• 4.5 वर्ष की अकादमिक पढ़ाई
• 1 वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप शामिल होती है.
इसी दौरान छात्रों को चिकित्सा विज्ञान की बुनियादी और क्लिनिकल ट्रेनिंग दी जाती है.
NEET PG के जरिए करें MD
MBBS पूरा करने के बाद डॉक्टर बनने का सफर खत्म नहीं होता. कार्डियोलॉजी में आगे बढ़ने के लिए NEET PG परीक्षा पास करनी होती है. इसके बाद MD General Medicine या MD Paediatrics में प्रवेश लिया जा सकता है. हालांकि, कार्डियोलॉजी में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए MD General Medicine को अधिक उपयुक्त माना जाता है. यह पोस्टग्रेजुएट कोर्स 3 वर्ष का होता है और इसमें आंतरिक रोगों के उपचार की गहन जानकारी दी जाती है.
DM Cardiology में करें सुपर स्पेशलिटी
MD पूरी करने के बाद NEET SS (Super Speciality) परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है. इसके बाद DM Cardiology में प्रवेश मिलता है. यह 3 वर्षीय सुपर स्पेशलिटी कोर्स है, जिसमें हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी जटिल बीमारियों की पहचान, आधुनिक जांच तकनीकों और एडवांस इलाज का प्रशिक्षण दिया जाता है. DM पूरा करने के बाद डॉक्टर आधिकारिक रूप से कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में कार्य करने के योग्य हो जाते हैं.
RIMS रांची में उपलब्ध है Cardiology विभाग
RIMS रांची में 2010 से कार्डियोलॉजी विभाग संचालित हो रहा है. संस्थान में MBBS के अलावा कई सुपर स्पेशलिटी कोर्स भी उपलब्ध हैं. यहां DM (Doctorate of Medicine) और MCh (Master of Chirurgiae) जैसे उच्च स्तरीय चिकित्सा पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराई जाती है, जिससे छात्रों को विशेषज्ञ डॉक्टर बनने का अवसर मिलता है.
क्या होता है कार्डियोलॉजिस्ट का काम?
कार्डियोलॉजिस्ट ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टर होते हैं जो हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों की जांच, इलाज और रोकथाम में विशेषज्ञता रखते हैं. वे हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट फेल्योर, एंजाइना, जन्मजात हृदय रोग और अन्य कार्डियक समस्याओं का उपचार करते हैं. आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की मदद से मरीजों की जांच और उपचार की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर होती है.
करियर की संभावनाएं
DM Cardiology पूरी करने के बाद सरकारी और निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, सुपर स्पेशलिटी संस्थानों और रिसर्च सेंटरों में रोजगार के अच्छे अवसर उपलब्ध होते हैं. अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट चिकित्सा क्षेत्र के सबसे सम्मानित और उच्च आय वाले विशेषज्ञों में गिने जाते हैं. अगर आपकी रुचि चिकित्सा सेवा और हृदय रोगों के उपचार में है, तो RIMS से कार्डियोलॉजी की पढ़ाई आपके करियर को नई ऊंचाई दे सकती है.

