रांची (RANCHI): JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर झारखंड में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. सीआईडी के साथ अब जिला पुलिस की टीमें भी इस मामले में सक्रिय नजर आ रही हैं. इसी कड़ी में गिरिडीह पुलिस ने परीक्षा एजेंसी TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर और मामले में गिरफ्तार अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और उसकी पत्नी को पूछताछ के लिए थाना लाया है. साथ ही अभय की पत्नी से भी पूछताछ की जा रही है. ऐसे में तीनों को देर रात उनके घर से पुलिस टीम अपने साथ गिरिडीह लेकर पहुंची. फिलहाल पुलिस दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों की ओर से इस कार्रवाई को लेकर अभी कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. यह पूछताछ किस खास बिंदु को लेकर हो रही है, इसे लेकर भी आधिकारिक तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है.
देर रात घर पहुंची पुलिस की टीम
जानकारी के मुताबिक, सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात गिरिडीह पुलिस की एक विशेष टीम अभय तिवारी के घर पहुंची. टीम ने वहां मौजूद उसके भाई अक्षय तिवारी और पत्नी को पूछताछ के लिए अपने साथ लिया. इसके बाद दोनों को गिरिडीह लाया गया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है. जांच टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा से जुड़ी कथित गतिविधियों के बारे में परिवार के सदस्यों को किसी तरह की जानकारी थी या नहीं. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस की पूछताछ के बाद दोनों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी या उन्हें छोड़ दिया जाएगा.
अभय तिवारी की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी जांच
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद की जांच में TDPL का नाम सामने आने के बाद सीआईडी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी थी. इसी दौरान TDPL से जुड़े अभय तिवारी को गिरफ्तार किया गया. वह एजेंसी में मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम कर चुका था. जांच के दौरान अभय तिवारी से हुई पूछताछ को इस मामले में अहम माना जा रहा है. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी से जुड़ी कई जानकारियां सामने आई हैं. इसी आधार पर जांच एजेंसियां अब मामले से जुड़े अन्य लोगों और संभावित कड़ियों को खंगाल रही हैं.
जांच से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, अभय तिवारी ने JSSC की पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेंड टीचर यानी PGT भर्ती परीक्षा में भी कथित अनियमितताओं के बारे में जानकारी दी है. यह परीक्षा करीब 3,120 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी. अगर जांच में इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो इसका मतलब यह होगा कि विवाद केवल JSSC CGL तक सीमित नहीं है. यही वजह है कि जांच एजेंसियां TDPL के जरिए आयोजित अलग-अलग परीक्षाओं की प्रक्रिया और उनमें शामिल लोगों की भूमिका को भी जांच के दायरे में ला रही हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को सीआईडी की टीम JSSC कार्यालय भी पहुंची थी. वहां दस्तावेजों और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई. इसी बीच सोमवार देर रात झारखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया गया. सरकार ने JSSC CGL समेत TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इसकी जानकारी सार्वजनिक की.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि JSSC CGL की जांच के लिए गठित SIT और CID की अब तक की रिपोर्ट में ऐसी बातें सामने आई हैं, जिनसे परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के संकेत मिलते हैं. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जांच के दौरान JPSC PT से जुड़े एक छात्र की भूमिका CGL परीक्षा के मामले में भी सामने आई है. सरकार के इस बयान के बाद मामले को लेकर जांच और तेज होने की संभावना है. फिलहाल गिरिडीह पुलिस की कार्रवाई ने पूरे मामले में एक और नया मोड़ ला दिया है. अभय तिवारी के भाई और पत्नी से पूछताछ के बाद जांच एजेंसियों को क्या जानकारी मिलती है, यह आने वाले समय में सामने आएगा. वहीं, सीआईडी अब TDPL से जुड़ी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी हुई है.

