बिग अपडेट : JPSC-JSSC परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ छात्रों के आंदोलन को बीजेपी का समर्थन, 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान

JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में BJP ने 11 अगस्त को झारखंड बंद का आह्वान किया है. छात्रों की मांगों में विवादित परीक्षाओं को रद्द करना और मामले की CBI जांच शामिल है.

बिग अपडेट : JPSC-JSSC परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ छात्रों के आंदोलन को बीजेपी का समर्थन, 11 अगस्त को झारखंड  बंद का आह्वान

 

रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 11 अगस्त को रांची बंद का आह्वान किया है. बीजेपी ने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.झारखंड में पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से बड़ी संख्या में छात्र भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के आरोपों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी छात्र विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

इसी क्रम में सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में परीक्षार्थी रांची पहुंचे. हजारों छात्रों ने पुरानी विधानसभा परिसर से नई विधानसभा की ओर मार्च किया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में तिरंगा और मांगों से जुड़े पोस्टर नजर आए. मार्च के दौरान पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह बैरिकेडिंग की थी. हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्र कई सुरक्षा घेरों को पार करते हुए नई विधानसभा परिसर के पास अंतिम बैरिकेडिंग तक पहुंच गए. इस दौरान मौके पर तनाव की स्थिति भी बनी रही.

छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर पड़ रहा है. वे सरकार से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ दोषी एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. बीजेपी ने अब छात्रों के समर्थन में 11 अगस्त को रांची बंद का आह्वान किया है. पार्टी का कहना है कि बंद के जरिए सरकार पर छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और मामले में ठोस कार्रवाई का दबाव बनाया जाएगा.