टीएनपी डेस्क (TNP DESK): राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में पांच नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. इन नियुक्तियों में झारखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश और वर्तमान में मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे न्यायमूर्ति चंद्रशेखर का नाम भी शामिल है.
सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किए गए अन्य न्यायाधीशों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण पल्ली तथा वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना शामिल हैं.
इन नियुक्तियों के बाद सर्वोच्च न्यायालय को विभिन्न उच्च न्यायालयों में लंबे समय तक कार्य कर चुके अनुभवी न्यायाधीशों का लाभ मिलेगा. न्यायिक प्रशासन, संवैधानिक मामलों और कानून की गहरी समझ रखने वाले ये न्यायाधीश देश की सर्वोच्च अदालत की कार्यक्षमता को और मजबूत करेंगे.
विशेष रूप से न्यायमूर्ति चंद्रशेखर की नियुक्ति झारखंड के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है. उन्होंने अपने न्यायिक करियर के दौरान कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की और न्यायपालिका में अपनी अलग पहचान बनाई. वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकिता सुब्रमणि मोहना की नियुक्ति सीधे बार से की गई है, जिससे सुप्रीम कोर्ट में अनुभवी अधिवक्ताओं के प्रतिनिधित्व को भी मजबूती मिलेगी. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी विशेषज्ञता अदालत की कार्यवाही में महत्वपूर्ण योगदान देगी.
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 22 और 27 मई को हुई बैठकों में इन पांच नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी. राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब इन नियुक्तियों पर औपचारिक मुहर लग गई है. इन नए न्यायाधीशों के शामिल होने से सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक क्षमता और अनुभव दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी.