लातेहार (LATEHAR): अगर आप मानसून के दौरान बेतला नेशनल पार्क की सैर करने का प्लान बना रहे हैं, तो अपनी यात्रा की तारीख बदल लीजिए. 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक बेतला नेशनल पार्क पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा. यह फैसला वन्यजीवों के प्रजनन काल को सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है. इस दौरान पार्क में किसी भी पर्यटक को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.
नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) के दिशा-निर्देशों के तहत हर वर्ष मानसून के मौसम में टाइगर रिजर्व और राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटकों की आवाजाही सीमित या बंद की जाती है. इसका मकसद वन्यजीवों को प्राकृतिक वातावरण में बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के रहने और प्रजनन करने का अवसर देना है.
बेतला नेशनल पार्क झारखंड के सबसे प्रमुख वन्यजीव स्थलों में शामिल है. यहां बाघ, तेंदुआ, जंगली हाथी, गौर, सांभर, चीतल, भालू और कई दुर्लभ प्रजातियों के वन्यजीव पाए जाते हैं. हाल ही में लगाए गए ट्रैप कैमरों में चार बाघों की मौजूदगी दर्ज होने के बाद इस क्षेत्र का संरक्षण और भी महत्वपूर्ण हो गया है. पार्क बंद रहने के दौरान वन विभाग गश्त बढ़ाएगा और वॉच टावरों के जरिए वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगा.
हालांकि, पार्क में सफारी और प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा, लेकिन पर्यटकों के लिए कुछ सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी. वन विभाग के रेस्ट हाउस और कैंटीन इस अवधि में संचालित होते रहेंगे. इसके अलावा प्रकृति प्रेमी पलामू किला, केचकी संगम और मिरचईया जलप्रपात जैसे आसपास के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों का आनंद ले सकते हैं. वन विभाग का कहना है कि यह अस्थायी बंदी वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक जरूरी कदम है. तीन महीने बाद 1 अक्टूबर से पर्यटकों के लिए बेतला नेशनल पार्क दोबारा खोल दिया जाएगा और सफारी सेवाएं फिर से शुरू होंगी.

