किसके इशारे पर सभी जिले में एक साथ छात्रों को पीटा गया, इस साजिश के पीछे कौन

JPSC-JSSC को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के पुतला दहन कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों में बवाल हुआ. एक साथ रांची से लेकर गढ़वा और गिरीडीह,हजारीबाग तक छात्रों को पुतला दहन के दौरान पीटा गया.

किसके इशारे पर सभी जिले में एक साथ छात्रों को पीटा गया, इस साजिश के पीछे कौन

रांची (RANCHI): JPSC-JSSC को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के पुतला दहन कार्यक्रम में राज्य के सभी जिलों में बवाल हुआ. एक साथ रांची से लेकर गढ़वा और गिरीडीह, हजारीबाग तक छात्रों को पुतला दहन के दौरान पीटा गया. जिसके बाद सवाल उठा की क्या राज्य में छात्रों को पीटने के लिए एक सोची समझी रणनीति बनाई गई थी और जब छात्र सड़क पर उतरे तो गुंडों को एक साथ एक्टिव कर दिया गया और राज्य के सभी जिलों से एक जैसी तस्वीर सामने आगई. अब इस पूरे घटना पर सवाल खड़ा हो गया. जहां छात्र इस घटना के बाद आक्रोशित है तो विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है.

सबसे पहले गिरीडीह से छात्रों के पुतला दहन में हंगामा और मारपीट की खबर सामने आई. जहां कथित तौर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के झंडे बैनर के साथ पहुंचे लोगों ने छात्रों को पुतला दहन से रोक दिया. इसके बाद जमकर मारपीट की गई. आंदोलन में शामिल छात्रों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया और पुतला दहन कार्यक्रम रोक दिया गया. इसके बाद एक एक कर सभी जिला से तस्वीर सामने आई जहां छात्रों को पीटा जा रहा था. राजधानी रांची में शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरे छात्रों के बीच में कुछ गुंडे घुसे फिर पुतला को छीना और मारपीट शुरू कर दी.

जिससे कुछ देर के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया. और छात्रों में भगदड़ जैसी स्तिथि बन गई.पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन यहां छात्रों के साथ पुलिस की भी नोक झोंक हुई. जिसमें कई छात्र घायल हो गए. डीएसपी केवी रमन ने बताया कि हल्का बल प्रयोग किया गया है. जिससे नोक झोंक आगे ना बढ़े. और मामले को शांत कराया जा सके.

लेकिन बवाल इसके बाद और बढ़ गया. एक तरफ कुछ लोगों को छात्रों को पीटा फिर पुलिस ने लाठीचार्ज किया जिसमें छात्रों को चोट आई. शिक्षक घायल हो गए. जिन्हे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. इस बीच फिर सदर अस्पताल गेट के पास छात्रों की भीड़ जुट गई और लाठी चार्ज के साथ उनके साथ हुई मारपीट पर सवाल पूछा लेकिन फिर सदर अस्पताल के पास पुलिस ने लाठी भांजी और छात्रों को खदेड़ दिया. जिससे बवाल और बड़ा हो गया. छात्रों ने सवाल पूछा की आखिर लोकतान्त्रिक देश में धरना और पुतला दहन करने से रोकना मौलिक अधिकार पर सवाल उठता है. आखिर क्या छात्र गोली बंदूक लेकर आए थे.

 

जैसे ही लाठीचार्ज की जानकारी हटिया विधायक नवीन जायसवाल को मिली वह भी वहां सदर अस्पताल पहुंचे और पुलिस पर सवाल उठाया. नवीन ने कहा कि पहले गुंडों से पिटवाया गया इसके बाद फिर पुलिस ने बच्चों को पीटा.आखिर पुलिस और सरकार क्या कराना चाहती है. वह अराजकता जैसा माहौल बनाने की कोशिश कर रही है.

बाबूलाल मरांडी ने इस पूरे घटना पर कहा कि झारखंड में गुंडा राज चल रहा है. छात्रों को प्रदर्शन करने से रोका जा रहा है. आखिर राज्य को किधर लेकर जाने की तैयारी है. एक सोची समझी रणनीति और प्लानिंग के तहत सभी जगह छात्रों को पीटा गया है.