रांची में IPS अधिकारी को आम लोगों से खतरा? विपक्ष ने उठाए सवाल , IPS के पत्र से लेकर SDO की कार्रवाई
रांची की हाई-प्रोफाइल कॉलोनी अशोक नगर में रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है. एक IPS अधिकारी की ओर से सुरक्षा का हवाला देते हुए एक रास्ते को बंद करने के लिए सोसाइटी को पत्र लिखे जाने के बाद मामला विवादों में आ गया है.
रांची :राजधानी रांची की हाई-प्रोफाइल कॉलोनी अशोक नगर में रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है. एक IPS अधिकारी की ओर से सुरक्षा का हवाला देते हुए एक रास्ते को बंद करने के लिए सोसाइटी को पत्र लिखे जाने के बाद मामला विवादों में आ गया है. वहीं, स्थानीय लोगों की ओर से भी रास्ता बंद किए जाने का विरोध किया गया है. मामले को लेकर अरगोड़ा थाने में शिकायत दी गई है.
विवाद के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर IPS अधिकारी के पत्र को साझा करते हुए सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. दूसरी ओर, विवाद बढ़ता देख सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने संबंधित रास्ते और जमीन पर धारा 166 के तहत कार्रवाई करते हुए अगली सुनवाई तक किसी भी तरह के निर्माण पर रोक लगा दी है.
क्या है पूरा विवाद
जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत 29 सितंबर की शाम करीब 7 बजे हुई. अशोक नगर गेट नंबर के अंदर एक रास्ते पर वाहन खड़ा कर रास्ता अवरुद्ध किए जाने की बात सामने आई. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे कई परिवारों के आवागमन में परेशानी होने लगी. लोगों ने वाहन हटाने का अनुरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है. एक पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान IPS अधिकारी की ओर से धमकी दी गई. वहीं, कुछ लोगों ने AK-47 से गोली मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. घटना के बाद मामले की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय और पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा से की गई. इसके अलावा अरगोड़ा थाने में भी लिखित शिकायत दी गई. शिकायत में कहा गया है कि संबंधित रास्ते का इस्तेमाल स्थानीय परिवार पिछले करीब 60 वर्षों से करते आ रहे हैं. रास्ता बंद होने से कई परिवारों के आवागमन पर असर पड़ रहा है.
IPS अधिकारी ने पत्र में क्या कहा
विवाद के करीब दो दिन बाद संबंधित IPS अधिकारी ने अशोक नगर सोसाइटी को पत्र लिखा. पत्र में उन्होंने अपने घर के बगल से गुजरने वाले रास्ते को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंता जताई. पत्र के अनुसार, इस रास्ते से कथित तौर पर अवैध गतिविधियां होने की आशंका है और उनके सुरक्षा गार्ड हथियार व कारतूस के साथ वहां तैनात रहते हैं. अधिकारी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रास्ते को बॉन्ड्री कर बंद करने की इच्छा जताई. इसके बाद रास्ते को बंद करने के लिए निर्माण कार्य शुरू किए जाने की जानकारी मिली. सूचना पर अरगोड़ा अंचल अधिकारी मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया.
SDO ने लगाई धारा 166
मामला बढ़ने के बाद शनिवार को सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने नोटिस जारी किया. नोटिस में क्षेत्र में शांति भंग होने की आशंका का उल्लेख करते हुए संबंधित जमीन पर अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगाई गई है.
विपक्ष ने उठाए सवाल
मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने X पर पोस्ट कर सवाल उठाया कि यदि सुरक्षा में तैनात AK-47 से लैस जवान ही असुरक्षित महसूस कर रहे हैं तो आम लोगों की सुरक्षा को लेकर क्या स्थिति होगी. उन्होंने IPS अधिकारी के पत्र का हवाला देते हुए पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. वहीं, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय शाह ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि AK-47 से लैस जवान ही असुरक्षित हैं तो उनकी सुरक्षा के लिए केंद्रीय बल की तैनाती की जरूरत पड़ सकती है.
फिलहाल अशोक नगर का यह रास्ता विवाद प्रशासन के संज्ञान में है और SDO के आदेश के बाद अगली सुनवाई तक निर्माण पर रोक लगा दी गई है. मामले में दोनों पक्षों के दावों और आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी.