रांची(RANCHI): आज देश चाँद पर पहुंच गया. कई नई उचाइयों की इबारत लिखी जा रही है. लेकिन आदिवासी समाज आज भी बेहद पीछे है. जबकि उनके हक अधिकारी के लिए कई योजना चलती है. इसके बावजूद आज भी अंधविश्वास सर चढ़ कर बोल रहा है. एक मामला रांची से सामने आया जहां सच्चाई की परीक्षा के नाम पर का दोनों हाथ गोबर वाले खौलते पानी से जला दिया. जिससे उसका दोनों हाथ बुरी तरह से जल गया .अब डॉक्टरों ने युवक की 10 उंगली को काटा है जिससे संक्रमण आगे ना फैले और उसके हाथ को बचाया जा सके. अब इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज की है और आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है.
मामला नरकोपी थाना क्षेत्र के सरवा गांव का है. जहां चोरी के आरोप में अमित उरांव को "सच्चाई की परीक्षा" के नाम पर उबलते गोबर-मिश्रित पानी में हाथ डाल कर जला दिया गया.अब अमित का दोनों हाथ बर्बाद हो गया. डॉक्टरों ने ईलाज किया है लेकिन अमित अब कई दिनों तक उस हाथ से कोई काम नहीं कर पाएगा. मानो उसे तालिबानी सजा दी गई.
आखिर में अमित के परिवार के लोगों ने आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया है. केस दर्ज होते ही सभी आरोपी घर में ताला लगा कर फरार हो गए. जिसके बाद पुलिस ने फरार आरोपी घर इश्तेहार चिपकाया है.और सरेंडर करने का आदेश दिया है.
नरकोपी थाना में कांड संख्या 14/026 के नामजद चम्पा उरांव, उनकी पत्नी बंधईन उरांव और दोनों पुत्र आनंद उरांव व विनोद उरांव मामला दर्ज होने के बाद से पूरा परिवार घर में ताला बंद कर फरार है.जिसकी गिरफ़्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. बताया जा रहा है कि पिड़ित अमित उरांव को मजदूर के लिये अपने घर पर बुलाया था. 20 हजार रुपये चोरी के शक में "सच्चाई की परीक्षा" के नाम पर उबलते गोबर-मिश्रित पानी में हाथ पकड़ कर डाल कर जला दिया गया.अमित का हाथ पूरी तरह से झुलस गया. बाद में परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने हाथ के सभी अंगुली को ऑपरेशन कर काटना दिया. अभी भी अमित का उपचार सदर अस्पताल रांची में चल रहा है.
डीएसपी दिपक कुमार ने कहा कि कानून से कोई ऊपर नहीं है.अंधविश्वास और बर्बरता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. कुर्की जब्ती के बाद भी वारंट की तामिला के लिये अभियुक्तो की गिरफ्तारी की जाएगी.

