टाटा मेमोरियल सेंटर नवी मुंबई की टीम ने रांची कैंसर अस्पताल का किया दौरा,सुविधा देख की सराहना  

टाटा मेमोरियल सेंटर नवी मुंबई की टीम ने रांची कैंसर अस्पताल का किया दौरा,सुविधा देख की सराहना

रांची(RANCHI): रांची कैंसर अस्पताल का मंगलवार को टाटा मेमोरियल सेंटर नवी मुंबई के डॉक्टरो की टीम ने दौरा किया. अस्पताल के अलग अलग विभाग में पहुँच का अस्पताल का जायजा लिया. यह दौरा एक सामान्य  शैक्षणिक दौरा था. समय समय पर एक अस्पताल के डॉक्टर अपने दूसरे विंग का दौरा कर अनुभव साझा करते है. जिससे जटिल से जटिल मरीज का सही उपचार किया जा सके.        

टाटा मेमोरियल सेंटर, नवी मुंबई के एक्टरेक एवं प्रोटॉन थेरेपी सेंटर के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर सह हेड एंड नेक रोग प्रबंधन समूह (डिजीज मैनेजमेंट ग्रुप) के विशेषज्ञ डॉ. श्वेताभ सिन्हा ने रांची कैंसर अस्पताल में एक शैक्षणिक सत्र का भी संचालन किया. इस सत्र में सिर और गर्दन के कैंसर से जुड़े उपचार पर चर्चा की.

डॉ. सिन्हा ने अस्पताल के बहु-विषयक ट्यूमर बोर्ड में भाग लिया, जहाँ जटिल हेड एंड नेक कैंसर मामलों पर वरिष्ठ चिकित्सकों, रेजिडेंट्स और फेलोज़ के साथ चर्चा की. इस बैठक में वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित उपचार निर्णयों और व्यावहारिक चिकित्सकीय अनुभवों के आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया गया.

चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा हाल ही में जर्नल ऑफ क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी में प्रकाशित एआरइएसटी ट्रायल रहा.  इस अध्ययन से चिकित्सकों को यह तय करने में मदद मिलेगी कि प्रारंभिक अवस्था के मुख कैंसर के किन मरीजों को सर्जरी के बाद रेडियोथेरेपी की वास्तव में आवश्यकता है और किन मरीजों का बिना अतिरिक्त उपचार के भी सुरक्षित रूप से उपचार किया जा सकता है.  इसका उद्देश्य कैंसर पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखते हुए अनावश्यक दुष्प्रभावों को कम करना तथा मरीजों की बोलने और निगलने जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं को यथासंभव सुरक्षित रखना है.

डॉ. सिन्हा ने आरसीएचआरसी के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग का भी दौरा किया.  जहां उपलब्ध उपचार सुविधाओं का अवलोकन किया.  उन्होंने अस्पताल की आधुनिक आधारभूत संरचना, अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी तकनीक और  गुणवत्तापूर्ण एवं मरीज-केंद्रित कैंसर उपचार के प्रति टीम की प्रतिबद्धता की सराहना की.  उन्होंने यह भी कहा कि अपनी स्थापना के कम समय में ही अस्पताल ने उल्लेखनीय प्रगति की है.

इस मौके पर आरसीएचआरसी के मेडिकल डायरेक्टर वरिष्ठ रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, डॉ. गौतम के. शरण ने कहा कि टाटा मेमोरियल सेंटर जैसे अग्रणी संस्थानों के साथ नियमित शैक्षिक सहयोग यह सुनिश्चित करता है कि झारखंड के मरीजों को नवीनतम वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित कैंसर उपचार अपने राज्य के निकट ही उपलब्ध हो सके और उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूर जाने की आवश्यकता न पड़े.

निरंतर सीखने, चिकित्सकीय सहयोग और मरीज-केंद्रित सेवाओं की अपनी प्रतिबद्धता के साथ आरसीएचआरसी झारखंड और आसपास के क्षेत्रों के लोगों तक गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित कैंसर उपचार पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत है.