झारखंड में 6.29 लाख राशन कार्ड होंगे रद्द! 31 अगस्त की डेडलाइन, नहीं हटा नाम तो घट सकता है अनाज कोटा

झारखंड में 6.29 लाख राशन कार्ड होंगे रद्द! 31 अगस्त की डेडलाइन, नहीं हटा नाम तो घट सकता है अनाज कोटा

रांची (RANCHI):  राज्य में सरकारी राशन को लेकर लगातार हो रही गड़बड़ी के चलते राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है. भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने "राइटफुल टारगेटिंग" अभियान के तहत राज्य के 6,29,973 अपात्र राशन कार्डधारियों की पहचान की है. केंद्र सरकार ने इन सभी अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड तत्काल निरस्त करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 31 अगस्त 2026 तक इन लाभुकों के नाम पात्रता सूची से नहीं हटाए गए, तो राज्य के खाद्यान्न आवंटन (कोटा) में इसी अनुपात में कटौती की जा सकती है. इस निर्देश के बाद झारखंड के खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को आवश्यक कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए हैं.

राज्य सरकार की ओर से जारी निर्देश में सभी जिलों को 25 अगस्त तक चिन्हित अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है. अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि पात्र जरूरतमंद परिवारों को ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिले. विभाग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता लाना और वास्तविक लाभार्थियों तक अनाज पहुंचाना है.

केंद्र सरकार की जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. रिपोर्ट के अनुसार 1,272 सरकारी कर्मचारी भी गरीबों के लिए निर्धारित राशन का लाभ ले रहे थे. इसके अलावा 1,84,810 आयकरदाता, 15,493 अधिक टर्नओवर वाले कारोबारी, 13,087 कंपनियों के मालिक और 21,442 चारपहिया वाहन स्वामी भी अपात्र सूची में शामिल पाए गए हैं. जांच में 1,10,142 डुप्लीकेट राशन कार्डधारी और पिछले छह महीनों से लगातार राशन नहीं लेने वाले 1,77,751 लाभुकों की भी पहचान की गई है. अब इन सभी के राशन कार्ड रद्द करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.