रामगढ़ (RAMGARH): आज यानी 4 अगस्त को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि है जहां जिले के बरलंगा थाना क्षेत्र स्थित लुकैयाटांड और नेमरा में मंगलवार को भव्य श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया है. कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. इसको लेकर सोमवार को उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त विजय कुमार गुप्ता, आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, डीआईजी अंजनी कुमार झा, उपायुक्त ऋतुराज और एसपी मुकेश लुनायत ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर प्रशासन की विशेष नजर
अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल, दिशोम गुरु की प्रतिमा, सोबरन सोरेन बलिदान स्थल, हेलीपेड और श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था का निरीक्षण किया. साथ ही साफ-सफाई और अन्य आवश्यक तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए. प्रशासन के अनुसार कार्यक्रम में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है. इसे देखते हुए पूरे मार्ग पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है. पहाड़ी क्षेत्रों, नदी-नालों, पुल-पुलियों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं.
पोस्टर और प्रदर्शनी में दिखेगा संघर्ष का सफर
गोला से नेमरा तक पूरे मार्ग को आकर्षक पोस्टरों, होर्डिंग और कलात्मक प्रदर्शनी से सजाया गया है. इनमें शिबू सोरेन के बचपन, महाजनी प्रथा के खिलाफ आंदोलन, जल-जंगल-जमीन की लड़ाई, झारखंड आंदोलन और राष्ट्रीय राजनीति तक के उनके सफर को दर्शाया गया है. प्रमुख मार्गों पर बनाए गए तोरण द्वार भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.
14 फीट ऊंची प्रतिमा बनेगी समारोह का आकर्षण
लुकैयाटांड में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 14 फीट ऊंची आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण होगा. यह प्रतिमा उनके संघर्ष, सामाजिक न्याय और जनसेवा के प्रति समर्पण की याद को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का प्रतीक बनेगी.
विकास मेला और लाभार्थियों को परिसंपत्तियों का वितरण
श्रद्धांजलि सभा के साथ विकास मेले का भी आयोजन किया जाएगा. इस दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के बीच करोड़ों रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण होगा. कार्यक्रम स्थल तक लोगों को पहुंचाने के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था की गई है. वहीं हजारों श्रद्धालुओं के लिए भोजन की भी व्यापक तैयारी की गई है.
प्रशासन का कहना है कि पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा, यातायात और प्रवेश-निकासी सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है. यह आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दिशोम गुरु के संघर्ष, विचारों और जनसेवा के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश भी देगा. पूरे कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की उम्मीद है.

