रामगढ़((RAMGARH): झारखंड में हाथी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. इसको लेकर रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र के सुतरी गांव के समीप इन दिनों दर्जनों जंगली हाथियों का झुंड लगातार दिख रहा है जिससे आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है. इस झुंड में चार छोटे हाथी भी शामिल हैं, जिन्हें हथिनियां और बड़े हाथी सुरक्षा घेरे में लेकर जंगल की ओर बढ़ रहे हैं. हाथियों की लगातार मौजूदगी के कारण ग्रामीण खेतों में धान की बुवाई करने तक नहीं जा पा रहे हैं. कई किसानों ने खेतों में जाना बंद कर दिया है, क्योंकि हाथियों के अचानक हमले का डर बना हुआ है. ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी है, जिसके बाद विभाग की क्विक रिस्पांस (QRT) टीम हाथियों की निगरानी और उन्हें आबादी से दूर जंगल की ओर खदेड़ने में जुटी है.
खासकर रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो और पश्चिमी सिंहभूम जैसे जिलों में हाथियों का मूवमेंट लगातार बढ़ा है. इसी साल अप्रैल में रामगढ़ के गोला वन क्षेत्र में हाथियों के हमले में एक ही दिन तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक महिला घायल हुई थी. वहीं फरवरी में हजारीबाग और आसपास के क्षेत्रों में हाथियों के हमलों में कई लोगों की जान गई और अनेक लोग घायल हुए, जिसके बाद वन विभाग ने विशेष निगरानी अभियान शुरू किया था.
वन विभाग लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि हाथियों के झुंड के पास जाने की कोशिश न करें, रात के समय जंगल या खेतों की ओर अकेले न जाएं और हाथियों की सूचना मिलते ही तुरंत विभाग को जानकारी दें. विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क कर रही हैं और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जंगलों में भोजन और आवास की कमी के कारण हाथियों का रुख अब ग्रामीण इलाकों की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में स्थानीय लोगों की सतर्कता और वन विभाग के साथ समन्वय ही मानव-हाथी संघर्ष को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय माना जा रहा है.
रिपोर्ट- अनुज ठाकुर

