JPSC-JSSC विवाद के बीच देवेन्द्र नाथ महतो का बड़ा अभियान, 24 जिलों में निकलेगी ‘भर्ती सुधार यात्रा’

झारखंड में JPSC-JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत रामगढ़ से हुई. "भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा" राज्य के सभी 24 जिलों में जाकर छात्रों के बीच जनजागरण करेगी. छात्र नेताओं ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, पेपर लीक पर रोक, निष्पक्ष जांच और कड़े कानून की मांग उठाई.

JPSC-JSSC विवाद के बीच देवेन्द्र नाथ महतो का बड़ा अभियान, 24 जिलों में निकलेगी ‘भर्ती सुधार यात्रा’

रामगढ़ (RAMGARH): झारखंड में JPSC-JSSC को लेकर अभी तक विवाद थमा नहीं है. परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्र-छात्राएँ अब भी नाराज नजर आ रहे है. ऐसे में JLKM और छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था की मांग को लेकर JPSC-JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है. दरअसल, रामगढ़ के लुकैयाटांड़ स्थित दिशोम गुरु शिबू सोरेन प्रतिमा स्थल से "भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा" को हरी झंडी देवेन्द्र नाथ महतो और उनके समर्थकों द्वारा शुरुआत की गई. यह यात्रा राज्य के सभी 24 जिलों में पहुंचेगी और कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, प्रतियोगी परीक्षा संस्थानों तथा प्रमुख चौक-चौराहों पर छात्रों और युवाओं के बीच जनजागरण अभियान चलाएगी. अभियान का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को मजबूत करना है.

यात्रा का शुभारंभ झारखंड की पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाज के साथ किया गया. इस दौरान दिशोम गुरु शिबू सोरेन, बाबूलाल बिहारी महतो, निर्मल महतो, सिद्धू-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और नीलांबर-पीतांबर समेत राज्य के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई. साथ ही सखुआ का पौधा लगाकर भर्ती व्यवस्था में सुधार का संकल्प लिया गया. छात्र नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि यह पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया से भ्रष्टाचार और धांधली को समाप्त करने के संकल्प का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि सखुआ झारखंड की पहचान, मजबूती और संघर्ष का प्रतीक है.

यात्रा के पहले दिन रामगढ़, गोला, चितरपुर, मांडू, चरही और डीवीसी चौक सहित कई स्थानों पर छात्रों और स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया. अभियान के साथ अधिवक्ताओं की एक लीगल टीम भी चल रही है, जो JPSC-JSSC अभ्यर्थियों को न्यायिक लड़ाई में सहयोग देगी. इच्छुक अभ्यर्थियों से इंटरवेनर बनने के लिए वकालतनामा पर हस्ताक्षर भी कराए जाएंगे. पहले दिन के बाद यात्रा का रात्रि विश्राम हजारीबाग के डेमोटांड़ में होगा, जबकि दूसरे दिन यह कटकमसांडी, गिद्धौर, बड़कागांव और चतरा होते हुए आगे कोडरमा और गिरिडीह की ओर बढ़ेगी.

देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि सरकार द्वारा 45 भर्ती परीक्षाओं पर की गई कार्रवाई को जारी रखा जाना चाहिए और जिन परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप हैं, उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने सरकार से भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था और जरूरत पड़ने पर कड़ा कानून बनाने की मांग की. उनका कहना था कि झारखंड के आदिवासी, मूलवासी और गरीब परिवारों के छात्र वर्षों तक मेहनत और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके सपनों को तोड़ देती हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि झारखंड के छात्रों और युवाओं के भविष्य तथा पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के लिए पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलाई जा रही है.