पटना (PATNA): बिहार में आने वाले दिनों में एक शहर से दूसरे शहर का सफर तेज और आसान हो सकता है. दिल्ली-एनसीआर में चल रही नमो भारत ट्रेन की तर्ज पर बिहार में भी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम यानी RRTS विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है. बिहार सरकार ने चार रूट पर नमो भारत ट्रेन चलाने की संभावना तलाशने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम यानी NCRTC को पत्र भेजा है.
योजना में पटना को गया, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर और आरा से जोड़ने वाले कॉरिडोर शामिल किए गए हैं. हालांकि अभी इन रूट पर ट्रेन चलाने को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है.
पटना से गया तक 108 किलोमीटर का रूट
पहला कॉरिडोर पटना से गया के बीच प्रस्तावित है. इसकी लंबाई करीब 108 किलोमीटर होगी. इस रूट पर नमो भारत ट्रेन चलने से पटना और गया के बीच तेज कनेक्टिविटी मिल सकती है. रोजाना सफर करने वाले लोगों के साथ गया और बोधगया जाने वाले यात्रियों को भी इसका फायदा मिल सकता है.
पटना एयरपोर्ट से बेगूसराय तक 130 किलोमीटर
दूसरा कॉरिडोर पटना एयरपोर्ट से बेगूसराय के बीच बनाने की योजना है. इसकी लंबाई करीब 130 किलोमीटर बताई गई है. चारों प्रस्तावित रूट में यह सबसे लंबा कॉरिडोर होगा. इसके जरिए बेगूसराय को पटना और एयरपोर्ट से बेहतर तरीके से जोड़ने की तैयारी है.
पटना से मुजफ्फरपुर का सफर होगा आसान
तीसरा प्रस्ताव पटना से मुजफ्फरपुर के बीच नमो भारत ट्रेन चलाने का है. इस कॉरिडोर की लंबाई करीब 67 किलोमीटर होगी. दोनों शहरों के बीच बड़ी संख्या में लोग रोजाना सफर करते हैं. ऐसे में आरआरटीएस सेवा शुरू होने पर यात्रियों को एक और तेज परिवहन विकल्प मिल सकता है.
पटना एयरपोर्ट से आरा भी जुड़ेगा
चौथा कॉरिडोर पटना एयरपोर्ट से आरा के बीच प्रस्तावित है. इसकी लंबाई करीब 46 किलोमीटर होगी. यह चारों प्रस्तावित कॉरिडोर में सबसे छोटा रूट है. इससे आरा और भोजपुर क्षेत्र के लोगों के लिए पटना तक आना-जाना आसान हो सकता है.
पहले होगी जांच, फिर आगे बढ़ेगी योजना
बिहार सरकार की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने का मतलब यह नहीं है कि इन चारों रूट पर नमो भारत ट्रेन चलना तय हो गया है. अब एनसीआरटीसी इन कॉरिडोर की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता की जांच करेगा.
इसके लिए वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट यानी एएआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसमें रूट, लागत, यात्रियों की संभावित संख्या और दूसरे तकनीकी पहलुओं का अध्ययन होगा. रिपोर्ट के नतीजों के आधार पर तय किया जाएगा कि बिहार में नमो भारत ट्रेन की योजना को किस तरह और किन रूट पर आगे बढ़ाया जा सकता है.
