बिहार में बाढ़ से तबाही,तेजस्वी ने व्यवस्था पर उठाया सवाल,केंद्र से विशेष पैकेज की डिमांड   

बिहार में बाढ़ से कई इलाके में तबाही जैसा माहौल है. राज्य की बड़ी आबादी बाढ़ के चपेट है. ऐसे में जहां एक ओर राज्य सरकार सभी बाढ़ पीड़ितों को राहत देने की बात कर रही है तो वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने व्यवस्था पर सवाल उठाया है.

बिहार में बाढ़ से तबाही,तेजस्वी ने व्यवस्था पर उठाया सवाल,केंद्र से विशेष पैकेज की डिमांड

पटना(PATNA): बिहार में बाढ़ से कई इलाके में तबाही जैसा माहौल है. राज्य की बड़ी आबादी बाढ़ के चपेट है. ऐसे में जहां एक ओर राज्य सरकार सभी बाढ़ पीड़ितों को राहत देने की बात कर रही है तो वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने व्यवस्था पर सवाल उठाया है. साथ ही बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के साथ राज्य को विशेष पैकेज की मांग केंद्र सरकार से की है.     

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार की बाढ़ स्थिति को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बिहार में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने तथा केंद्र सरकार से विशेष पैकेज देने की मांग की.

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में तथाकथित डबल इंजन की सरकार है, लेकिन दोनों इंजन पूरी तरह फेल हो चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का खजाना खाली हो गया है और सरकार आकस्मिक (इमरजेंसी) फंड से पैसे निकालकर काम चला रही है.

उन्होंने कहा कि बिहार के कई जिले भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं, हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस सहायता नहीं मिली है. तेजस्वी ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिहार को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की है, लेकिन अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान BRICS सम्मेलन में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आमंत्रित नहीं किए जाने के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने तंज कसा. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में भाजपा के कई मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों को बुलाया गया, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री को आमंत्रण नहीं मिला. इस पर कटाक्ष करते हुए तेजस्वी ने कहा कि कहीं मुख्यमंत्री रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी “व्याकुल न हों” जैसी टिप्पणी न कर दें.

बाढ़ राहत को लेकर केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि वर्ष 2007 में बिहार में आई बाढ़ के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी राज्य का दौरा करने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि उस समय केंद्र सरकार ने आपदा की गंभीरता को समझते हुए बिहार के प्रति संवेदनशीलता दिखाई थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सहायता नहीं मिल रही है. उन्होंने सवाल किया कि क्या केंद्र सरकार बिहार को देश के अन्य राज्यों से अलग मानती है.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ जैसी गंभीर चुनौती से निपटने में विफल साबित हुई है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से बिहार के हितों के लिए प्रभावी ढंग से बात करने में भी असफल रहे हैं.

तेजस्वी यादव ने बिहार के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि राज्य से 30 से अधिक सांसद और सात केंद्रीय मंत्री होने के बावजूद बिहार को अपेक्षित सहायता नहीं मिल सकी है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में प्रतिनिधित्व होने के बावजूद बिहार के हितों की अनदेखी की जा रही है.

राजद नेता ने कहा कि बाढ़ जैसी गंभीर आपदा से निपटने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर काम करना चाहिए तथा प्रभावित लोगों को तत्काल राहत और पुनर्वास सहायता उपलब्ध करानी चाहिए.