रेलवे की अनदेखी पर भड़के लोग, हैदरनगर स्टेशन पर दिया धरना, मांगें नहीं मानीं तो चक्का जाम की दी चेतावनी

रेलवे की अनदेखी पर भड़के लोग, हैदरनगर स्टेशन पर दिया धरना, मांगें नहीं मानीं तो चक्का जाम की दी चेतावनी

पलामू (PALAMU): रेल सुविधाओं में सुधार और वर्षों से लंबित मांगों को लेकर रविवार को हैदरनगर रेलवे स्टेशन परिसर में रेल उपभोक्ता समिति के बैनर तले धरना-प्रदर्शन किया गया. आंदोलन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. समिति के अध्यक्ष गुप्तेश्वर पांडेय और संयोजक प्रेमतोष सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे प्रशासन से लंबित मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की.

धरने को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. आरपीएफ, आरपीएसएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस बल पूरे समय स्टेशन परिसर में तैनात रहा. हालांकि पहले प्रस्तावित रेल चक्का जाम नहीं किया गया और प्रदर्शनकारियों ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वार्ता का इंतजार किया.

धरना स्थल पर वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हैदरनगर रेलवे स्टेशन की लंबे समय से उपेक्षा की जा रही है. उनका कहना था कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री यहां से सफर करते हैं, लेकिन सुविधाओं का लगातार अभाव बना हुआ है. समिति ने एलसी-50 और एलसी-51 के बीच आरओबी या वैकल्पिक सड़क निर्माण, गरीब रथ सहित प्रमुख ट्रेनों के ठहराव, ट्रेनों का समय पर संचालन, अतिरिक्त जनरल कोच, गया-रांची रेल सेवा के विस्तार, पलामू रेल मंडल के गठन और जपला रेल अस्पताल को नियमित करने सहित कई मांगें अधिकारियों के सामने रखीं.

करीब ढाई बजे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त कर दिया गया. अधिकारियों ने सभी मांगों पर सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिया. साथ ही बारिश के बाद एलसी-50 और एलसी-51 के बीच प्रस्तावित बाईपास सड़क निर्माण की दिशा में कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन भी दिया.

समिति ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय में मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में रेल चक्का जाम सहित बड़ा आंदोलन किया जाएगा. उनका कहना है कि क्षेत्र के यात्रियों की समस्याओं का समाधान अब और अधिक समय तक टाला नहीं जाना चाहिए.