शर्मनाक! कुत्ते के मुह में इंसान का बच्चा, एक्शन में आए DC, सील हुआ अस्पताल
मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) परिसर में नवजात का शव मुंह में दबाकर घूमते आवारा कुत्ते का वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच शुरू की, जिसमें अस्पताल के समीप स्थित उत्तम हॉस्पिटल की भूमिका सामने आने की बात कही गई है.
पलामू (PALAMU): मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) परिसर में नवजात का शव मुंह में दबाकर घूमते आवारा कुत्ते का वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच शुरू की, जिसमें अस्पताल के समीप स्थित उत्तम हॉस्पिटल की भूमिका सामने आने की बात कही गई है. इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड को सील कर दिया. मामले में इलाज से जुड़े साक्ष्यों को कथित तौर पर मिटाने के प्रयास की आशंका को लेकर भी जांच की जा रही है.
बताया जा रहा है कि घटना मंगलवार सुबह करीब 10 बजे की है. उस समय एमएमसीएच परिसर में एक आवारा कुत्ता नवजात का शव मुंह में दबाकर घूमता दिखाई दिया. अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में यह दृश्य कैद हो गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पुलिस चौकी के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की. घटना सामने आने के बाद नवजात के प्रसव, उसकी मौत की परिस्थितियों और शव को अस्पताल परिसर तक पहुंचाने को लेकर सवाल उठने लगे. प्रशासनिक जांच के दौरान पता चला कि एमएमसीएच के पास स्थित उत्तम हॉस्पिटल में प्रसव हुआ था. जांच में यह बात भी सामने आई कि दो महिलाएं नवजात का शव लेकर अस्पताल से निकली थीं और उसे एमएमसीएच परिसर में पोस्टमार्टम हाउस की ओर फेंक दिया गया था. हालांकि, नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को इस तरह फेंकने के पीछे क्या वजह थी, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है.
मामले में इलाज से संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को मिटाने के कथित प्रयास की आशंका की भी पड़ताल की जा रही है. प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि घटना में किन लोगों की भूमिका रही और संबंधित संस्थानों की ओर से निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं. पूरे मामले की जांच सदर एसडीओ संजय पांडेय के नेतृत्व में की गई. टीम में प्रशिक्षु आईएएस सह सहायक समाहर्ता ऋत्विक मेहता भी शामिल थे. उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के निर्देश पर प्रशासनिक टीम ने मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की. जांच के बाद उत्तम हॉस्पिटल और निपुण अल्ट्रासाउंड को सील करने की कार्रवाई की गई.
जांच के दौरान प्रशासनिक टीम ने एमएमसीएच परिसर के साथ-साथ पोस्टमार्टम हाउस के आसपास और झाड़ियों में भी तलाशी ली. अधिकारियों ने नवजात के शव को परिसर तक पहुंचाने, उसे फेंकने और प्रसव के दौरान हुई घटनाओं से संबंधित पहलुओं की जांच की. नवजात की मौत की वास्तविक वजह और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. इस घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली, प्रसव के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं और नवजात के शव के उचित निस्तारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, मामले में विस्तृत जांच और आधिकारिक निष्कर्षों का इंतजार है.