पलामू: मुटुर मुसहर की हत्या का खुलासा, नंदन हत्याकांड के दो आरोपी भी गिरफ्तार
पलामू में 60 वर्षीय मुटुर मुसहर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया है. जांच में नंदन मुसहर की हत्या का बदला लेने की बात सामने आई है. पुलिस ने नंदन हत्याकांड के दो नामजद आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है.
पलामू (PALAMU): जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बीरधवर गांव निवासी 60 वर्षीय मुटुर मुसहर के अपहरण और हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. पुलिस के अनुसार, इस हत्याकांड के पीछे वर्ष 2025 में हुई नंदन मुसहर की हत्या का बदला लेने की बात सामने आई है. इस मामले में चार आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर 15 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है. बता दें, आरोपियों की निशानदेही पर बिहार के डेहरी नगर थाना क्षेत्र में सोन नदी किनारे पाली रोड स्थित श्मशान घाट के पास से मुटुर मुसहर का नर-कंकाल बरामद किया गया. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए नंदन मुसहर हत्याकांड में नामजद दो आरोपियों संतोष मुसहर और धर्मेंद्र मुसहर को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
पुलिस के मुताबिक, साल 2025 में दशहरा के दौरान नंदन मुसहर की हत्या कर उसके शव को कोयल नदी के बहते पानी में फेंक दिया गया था. इस घटना के बाद नंदन के पिता दिनेश मुसहर और अन्य आरोपियों ने कथित तौर पर बदला लेने की योजना बनाई. इसी क्रम में मुटुर मुसहर का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई. मुटुर हत्याकांड में दिनेश मुसहर, विकास मुसहर, गोविंद मुसहर और प्रभु मुसहर को गिरफ्तार किया जा चुका है. मामले में मोहम्मदगंज थाना कांड संख्या 31/2026 के तहत 10 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीओपी दिव्यांश शुक्ल के नेतृत्व में विशेष टीम ने झारखंड के अलावा बिहार के औरंगाबाद और रोहतास में भी छापेमारी की.
इधर, हुसैनाबाद के एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ल ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में बताया कि जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर मुटुर का नर-कंकाल बरामद किया गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सासाराम भेजा गया है. वहीं नंदन मुसहर हत्याकांड को लेकर 17 अगस्त 2026 को मोहम्मदगंज थाना कांड संख्या 33/2026 दर्ज किया गया. इसमें संतोष मुसहर और धर्मेंद्र मुसहर को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब दोनों मामलों की कड़ियों को जोड़ते हुए हत्या के पीछे की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. कार्रवाई में मोहम्मदगंज थाना प्रभारी नारायण सोरेन, अनुसंधानकर्ता मनोज मुंडा समेत पुलिस टीम के कई अधिकारी और जवान शामिल रहे.