पलामू: नेपाल में बाढ़ के बीच पलामू का महेंद्र लापता, 26 अगस्त से बंद है मोबाइल
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच पलामू के मोहम्मदगंज निवासी महेंद्र विश्वकर्मा लापता हैं. 26 अगस्त से मोबाइल बंद होने के बाद परिवार ने विधायक और प्रशासन से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है.
पलामू (PALAMU): नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच पलामू जिले के एक परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है. मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बड़ंडा बरवाडीह गांव निवासी 50 वर्षीय महेंद्र विश्वकर्मा नेपाल के बाणेश्वर में हाइड्रो पावर प्लांट के निर्माण कार्य में लगे थे. पिछले कई दिनों से उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है. मोबाइल फोन भी 26 अगस्त से लगातार बंद बताया जा रहा है.
महेंद्र के लापता होने की जानकारी सामने आने के बाद शनिवार को उनके परिजन हुसैनाबाद विधायक संजय कुमार सिंह यादव से मिलने पहुंचे. परिजनों ने विधायक से केंद्र और झारखंड सरकार के स्तर पर पहल कर महेंद्र का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने की मांग की.
इस दौरान विधायक की कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर से भी फोन पर बातचीत कराई गई. कंपनी के अधिकारी ने बताया कि जिस इलाके में प्लांट स्थित है, वह फिलहाल सेना की निगरानी में है और राहत-बचाव अभियान चलाया जा रहा है. प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालकर काठमांडू पहुंचाया जा रहा है. अधिकारी ने आश्वासन दिया कि महेंद्र के बारे में जैसे ही कोई जानकारी मिलेगी, परिवार को सूचित किया जाएगा. कंपनी के कुछ अन्य कर्मचारी भी संपर्क से बाहर बताए गए हैं.
परिजनों के अनुसार महेंद्र विश्वकर्मा करीब दो महीने पहले कंपनी के काम से नेपाल गए थे. वह हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में फैब्रिकेटर के तौर पर काम कर रहे थे. नेपाल जाने के बाद वह नियमित रूप से परिवार के सदस्यों से फोन पर बातचीत करते थे और अपनी कुशलता की जानकारी देते थे. लेकिन 26 अगस्त के बाद अचानक उनका फोन बंद हो गया.
पत्नी कलावती देवी ने बताया कि पति से संपर्क नहीं होने के कारण पूरा परिवार बेहद परेशान है. नेपाल में बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की खबरों ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है. परिवार के सदस्य लगातार कंपनी के अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश कर रहे हैं और नेपाल से जुड़ी हर खबर पर नजर बनाए हुए हैं.
महेंद्र के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं. एक बेटा और एक बेटी की शादी हो चुकी है. उनके माता-पिता और दो छोटे भाई भी लगातार महेंद्र की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं.परिजनों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय, झारखंड सरकार और संबंधित कंपनी से महेंद्र का जल्द पता लगाने की अपील की है. परिवार चाहता है कि रेस्क्यू एजेंसियों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर भारत वापस लाया जाए.
मामले की जानकारी मोहम्मदगंज थाना पुलिस को भी दी गई है. थाना प्रभारी नारायण सोरेन ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी है. गांव के लोगों ने भी प्रशासन से महेंद्र की तलाश में हर संभव मदद करने की मांग की है.