पलामू (PALAMU):राज्य सरकार पलामू किला की तस्वीर बदलने की योजना पर काम कर रही है. चेरो वंश के राजा प्रताप राय के पलामू किला को फिर से जीर्णोद्धार किया जाना है. जिसे लेकर डीपीआर तैयार किया जा रहा है. करीब 60 करोड़ की लागत से किला को नए रूप देने की कोशिश होगी. जिससे क्षेत्र में पर्यटक की संख्या बढ़ सके. किले के जीर्णोद्धार को लेकर मंत्री राधाकृष्ण किशोर, विधायक रामचन्द्र सिंह ने पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात की है.
दरअसल लंबे समय से पलामू किला के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर मंत्री और विधायक कोशिश कर रहे है. आखिर में अब राज्य सरकार ने डीपीआर तैयार कर इसे टेंडर की प्रक्रिया में ले जाने की तैयारी है. मंत्री और विधायक को पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने पलामू किला के जीर्णोद्धार के लिए तैयार की जा रही योजना का “पावरपॉइंट के जरिए प्रजेंटेशन दिखाया.
पर्यटन मंत्री ने वित्त मंत्री और क्षेत्रीय विधायक को बताया कि पलामू किला के जीर्णोद्धार के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कराया जा रहा है. संभावना है कि किले के जीर्णोद्धार के ऊपर 50-60 करोड़ रुपये राशि खर्च होगी. DPR तैयार करने के बाद जीर्णोद्धार कार्य का निविदा आमंत्रित किया जाएगा. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पर्यटन विभाग के उपस्थित पदाधिकारियों को कहा कि हर कीमत पर वर्ष 2028 तक पलामू जिला का जीर्णोद्धार का काम पूरा करा लिया जाए.
पलामू किला के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए राधाकृष्ण किशोर ने पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को बताया कि पलामू किला व्याघ्र अभयारण्य क्षेत्र में अवस्थित है. सन 1628 में चेरो वंश के राजा प्रताप राय ने किले का निर्माण कराया था. उसके बाद 1658 में राजा मेदीनिराय ने नए किले का निर्माण की शुरुवात की थी, जो पूरा नहीं हो सका.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर और क्षेत्रीय विधायक रामचन्द्र सिंह ने बताया कि किले के जीर्णोद्धार के बाद उसका सौंदर्यीकरण और लाइट एंड साउंड आदि की योजना भी प्रस्तावित है. उन्होंने ने कहा कि आदिवासियों एवं पर्यटन के विकास के लिए ट्राइबल होम स्टे जैसी योजना, जिसमें पर्यटक कुछ दिन ठहर कर प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आदिवासी सभ्यता एवं संस्कृति को करीब से देख सकते हैं.