पलामू (PALAMU): पलामू में सूचना का अधिकार (RTI) और प्रधानमंत्री जन शिकायत पोर्टल का कथित दुरुपयोग कर रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है. नावा बाजार थाना पुलिस ने एक RTI कार्यकर्ता के खिलाफ पांच लाख रुपये की कथित रंगदारी मांगने, धमकी देने और दबाव बनाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है. शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
छतरपुर थाना क्षेत्र निवासी और खनन व्यवसायी मुकेश कुमार सिंह ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि RTI कार्यकर्ता सुमित कुमार लगातार उनके व्यवसाय से जुड़े मामलों में विभिन्न सरकारी विभागों में RTI आवेदन और प्रधानमंत्री जन शिकायत पोर्टल पर शिकायतें दर्ज कर रहे थे. उनका दावा है कि इन शिकायतों को वापस लेने के बदले उनसे पांच लाख रुपये की मांग की गई. आरोप है कि रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई.
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें नावा बाजार क्षेत्र में तिरुपति कंस्ट्रक्शन के नाम से पत्थर खनन पट्टा आवंटित है. खनन पट्टे के कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) की अवधि समाप्त होने के बाद उनके कारोबार से जुड़े मामलों को लेकर लगातार शिकायतें की जाने लगीं. उनका आरोप है कि इन्हीं शिकायतों को वापस लेने के लिए रंगदारी मांगी गई. मुकेश कुमार सिंह ने अपने दावों के समर्थन में कथित बातचीत की कई ऑडियो क्लिप भी पुलिस को उपलब्ध कराई हैं. उनका कहना है कि इन ऑडियो में रुपये की मांग और अन्य लोगों की कथित संलिप्तता का भी जिक्र है.
इस मामले में नावा बाजार थाना में कांड संख्या 30/2026 दर्ज कर लिया गया है. पुलिस का कहना है कि शिकायत, उपलब्ध कराए गए ऑडियो साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है. जांच के बाद सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उधर, पलामू स्टोन माइंस एवं क्रशर एसोसिएशन के जिला सचिव शशिकांत गुप्ता ने कहा कि खनन कारोबारियों का आर्थिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

