PALAMU:मेदिनीनगर में 12 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के मौके पर मेदिनीनगर के कचहरी परिसर में छात्रों के समर्थन में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना और सत्याग्रह आयोजित किया गया. “झारखंड छात्र न्याय सत्याग्रह ,लाठी का जवाब लोकतंत्र से” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में 10 अगस्त को रांची में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज के विरोध में आवाज उठाई गई. कार्यक्रम का नेतृत्व सूर्या सोनल सिंह ने किया. उन्होंने छात्रों के समर्थन में एक दिवसीय अनशन भी रखा.
सत्याग्रह में छात्र, युवा, अभिभावक और अन्य समर्थक शामिल हुए. प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया. इसके जरिए रांची में छात्रों पर हुई कार्रवाई के प्रति नाराजगी जताने के साथ उनके प्रति एकजुटता का संदेश दिया गया.
सूर्या सोनल सिंह ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. ऐसे में उनके खिलाफ बल प्रयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिहाज से गंभीर विषय है. उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि पुलिस बल के इस्तेमाल से.
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस युवाओं की भूमिका, अधिकारों और भविष्य पर चर्चा करने का अवसर है. ऐसे दिन झारखंड के युवाओं को अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, यह सरकार और समाज दोनों के लिए विचार करने का विषय है.
सूर्या सोनल सिंह ने 10 अगस्त की घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही, घायल छात्रों को उचित मुआवजा और जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई.
उन्होंने सरकार से छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बातचीत शुरू करने और उनकी जायज मांगों पर समयबद्ध तरीके से निर्णय लेने की अपील की.
सूर्या सोनल सिंह ने कहा कि 15 अगस्त देश का स्वतंत्रता दिवस है, जो लोकतंत्र, स्वतंत्रता और अधिकारों का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और न्याय की दिशा में ठोस कदम उठाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्रों की मांगों का समाधान नहीं हुआ और आंदोलन जारी रहा, तो स्वतंत्रता दिवस के बाद वह खुद रांची पहुंचकर आंदोलनरत छात्रों के साथ लोकतांत्रिक सत्याग्रह में शामिल होंगे.
सत्याग्रह के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 10 अगस्त की घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, घायल छात्रों को मुआवजा और इलाज, सरकार की ओर से तत्काल संवाद तथा JPSC-JSSC और नियुक्ति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग रखी. साथ ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की भी मांग की गई.
सूर्या सोनल सिंह ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी तरह का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि छात्रों के न्याय, सम्मान और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना है. उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए.
कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सत्याग्रह में शामिल छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और आम लोगों के प्रति आभार जताया और कहा कि छात्रों के न्याय की मांग को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी उठाया जाएगा.

