पलामू(PALAMU): जिले के ग्रामीण इलाकों में जमीन खरीदना अब पहले से महंगा हो गया है. राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन के सर्किल रेट में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी लागू कर दी है. 1 अगस्त 2026 से प्रभावी नई दरों के अनुसार अब जमीन का निबंधन होगा, जिससे स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क में भी बढ़ोतरी होगी. जिला निबंधन कार्यालय ने वर्ष 2026-27 के लिए 21 अंचलों के 1870 गांवों की कृषि, आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक जमीन की नई न्यूनतम मूल्य मार्गदर्शिका जारी कर दी है. प्रशासन का कहना है कि तेजी से हो रहे शहरी विस्तार, बेहतर संपर्क मार्ग और बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए सर्किल रेट में संशोधन किया गया है.
नई दरों के अनुसार सदर प्रखंड का चियांकी ग्रामीण क्षेत्र सबसे महंगी जमीन वाला इलाका बन गया है. यहां आवासीय जमीन की न्यूनतम सरकारी दर 2,37,301 रुपये प्रति डिसमिल और व्यावसायिक जमीन की दर 3,55,951 रुपये प्रति डिसमिल निर्धारित की गई है, जिसमें 20 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है. इसके अलावा चैनपुर अंचल के हरभोंगा, पनेरी बांध, हंसा, नरसिंहपुर पथरा और पांकी खास जैसे क्षेत्रों की आवासीय एवं व्यावसायिक जमीन की सरकारी कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है. इन इलाकों में तेजी से बढ़ते विकास और शहरीकरण को इस फैसले का प्रमुख कारण माना जा रहा है.
नई सर्किल दरें लागू होने से पहले जिला अवर निबंधन कार्यालय, मेदिनीनगर में रजिस्ट्री कराने वालों की भीड़ बढ़ गई. गुरुवार को जहां केवल आठ लोगों ने संपत्ति का निबंधन कराया था, वहीं 31 जुलाई को अंतिम दिन 37 लोगों ने रजिस्ट्री कराई. एक अगस्त को नई दरों को सॉफ्टवेयर में अपडेट किए जाने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी. विभागीय नियमों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के सर्किल रेट का पुनरीक्षण हर दो वर्ष में किया जाता है, जबकि शहरी क्षेत्रों की नई दरों की समीक्षा अगले वर्ष की जाएगी. इससे आने वाले समय में जमीन खरीदने वालों की लागत और बढ़ने की संभावना है.

