पाकुड़ (PAKUR) : झारखंड में JPSC और JSSC CGL पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी कड़ी में पाकुड़ जिला समाहरणालय के बाहर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पूरे मामले की CBI से जांच कराने की मांग उठाई.
युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
धरने को संबोधित करते हुए JLKM नेताओं ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं ने राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है. उनका आरोप था कि मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का भरोसा व्यवस्था से उठता जा रहा है.ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई बेहद जरूरी है.
JLKM नेता मार्क बास्की ने कहा कि यदि सरकार युवाओं के हितों की रक्षा करना चाहती है तो पेपर लीक मामले की जांच CBI को सौंपी जाए. उन्होंने कहा कि केवल जांच की घोषणा करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
आंदोलन जारी रहेगा
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा नहीं मिलती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
धरना-प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में JLKM के कार्यकर्ता मौजूद रहे.सभी ने एक स्वर में पेपर लीक मामले की CBI जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई.
रिपोर्ट – विकास कुमार

