JPSC-JSSC मामले में नया ट्विस्ट! अभय तिवारी के बयान से सामने आई माफिया नेटवर्क की ‘सेटिंग’, जानिए इंटरव्यू नेटवर्क की कहानी

JPSC-JSSC मामले में नया ट्विस्ट! अभय तिवारी के बयान से सामने आई माफिया नेटवर्क की ‘सेटिंग’, जानिए इंटरव्यू नेटवर्क की कहानी

रांची (RANCHI): झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच अब एक बड़े नेटवर्क की ओर बढ़ती नजर आ रही है. जांच के दौरान परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनियों, कथित बिचौलियों और कुछ पूर्व अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं. आरोपी अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी के CID को दिए कथित बयान में परीक्षा में अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने, पैसों के लेन-देन और इंटरव्यू प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसे दावे किए गए हैं. इन आरोपों में ICN India Private Limited, Binssis Technology, TDPL और इनसे जुड़े बताए जा रहे कई लोगों के नाम सामने आए हैं. हालांकि, ये सभी दावे जांच का हिस्सा हैं और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि अदालत में होना अभी बाकी है.

सात अभ्यर्थियों को कथित लाभ पहुंचाने का दावा

अभय तिवारी के कथित बयान में दावा किया गया है कि इस व्यवस्था के जरिए करीब सात अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया और प्रत्येक से लगभग 15 लाख रुपये लिए गए. बयान में इंटरव्यू प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए अभ्यर्थियों के कोड की कथित पहचान यानी डी-कोडिंग का भी जिक्र है. आरोप के मुताबिक, इंटरव्यू से पहले कुछ अभ्यर्थियों की पहचान कर उन्हें विशेष बोर्ड में भेजने की कोशिश की जाती थी. अभय ने कथित तौर पर दावा किया कि कुछ JPSC सदस्यों की ओर से TDPL के निदेशक रामवीर सिंह पर अभ्यर्थियों के कोड उपलब्ध कराने का दबाव बनाया जाता था. हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही संभव होगी.

CDPO परीक्षा में भी कथित पैसों के लेन-देन का दावा

जांच के दौरान सामने आए बयान में CDPO परीक्षा का भी उल्लेख है. अभय तिवारी के मुताबिक, इस परीक्षा में भी अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने और कथित तौर पर लाभ पहुंचाने के लिए करीब 10 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी का रेट होने की बात कही गई. बयान में एक अभ्यर्थी रजक का जिक्र करते हुए दावा किया गया है कि उसका इंटरव्यू बोर्ड तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते के पास था और उसके मामले में कथित तौर पर 15 लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई. इसी तरह काजल भारती के मामले में अजीता भट्टाचार्य के कथित पीए ब्रजराम को 10 लाख रुपये दिए जाने का दावा किया गया है. जांच में अभय तिवारी के बयान के साथ TDPL निदेशक रामवीर सिंह के कथित बयान का भी उल्लेख किया गया है. इन दावों की वास्तविकता जांच एजेंसियों की पड़ताल और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी.

ICN India और Binssis Technology की भूमिका पर भी सवाल

मामले की जांच में परीक्षा संचालन से जुड़ी ICN India Private Limited और Binssis Technology का नाम भी चर्चा में है. आरोप है कि अलग-अलग कंपनियों के जरिए परीक्षा से संबंधित ठेके हासिल किए गए और कुछ मामलों में प्रश्नपत्र, OMR और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की गई. ICN India से जुड़े बताए जा रहे आरके सिंह उर्फ मिथिलेश सिंह और Binssis Technology से जुड़े बताए जा रहे अरुण कुमार को लेकर भी कई गंभीर आरोप सामने आए हैं. जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अलग-अलग कंपनियों के बीच कोई कारोबारी या आपराधिक कनेक्शन था या नहीं.

JSSC की पुरानी परीक्षाएं भी जांच के दायरे में

JSSC की जूनियर इंजीनियर परीक्षा समेत कुछ अन्य परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रक्रिया से छेड़छाड़ के आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं. 2022 की जूनियर इंजीनियर परीक्षा का प्रश्नपत्र कथित तौर पर परीक्षा से पहले वायरल होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी. इसके अलावा 2024 की JSSC CGL परीक्षा को लेकर भी प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आए थे. अब JPSC-JSSC विवाद की मौजूदा जांच में पुराने मामलों और परीक्षा संचालन से जुड़ी कंपनियों के बीच संभावित कड़ियों की भी पड़ताल महत्वपूर्ण हो गई है.

अब कंपनियों, टेंडर और पैसों के नेटवर्क की जांच अहम

पूरे मामले में जांच एजेंसियों के सामने अब कई सवाल हैं. परीक्षा से जुड़े टेंडर किस आधार पर दिए गए, कंपनियों के बीच क्या संबंध थे, परीक्षा प्रक्रिया में किस स्तर पर निगरानी की गई और कथित पैसों का लेन-देन किन लोगों तक पहुंचा, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है. फिलहाल अभय तिवारी के कथित बयान और अन्य दस्तावेजों में लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता. जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इनमें से कौन से दावे सही पाए जाते हैं और किन आरोपों के पीछे पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. जांच आगे बढ़ने के साथ JPSC-JSSC परीक्षा विवाद में कंपनियों, बिचौलियों और कथित नेटवर्क की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है.