लोहरदगा की जर्जर सड़कों और क्षतिग्रस्त पुलों के लिए विशेष पुनरुद्धार योजना की मांग

लोहरदगा में जर्जर ग्रामीण सड़कों और क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की समस्या को लेकर भाजपा नेता बिन्देश्वर उराँव ने केंद्र और राज्य सरकार से विशेष सड़क पुनरुद्धार योजना की मांग की है.

लोहरदगा की जर्जर सड़कों और क्षतिग्रस्त पुलों के लिए विशेष पुनरुद्धार योजना की मांग

लोहरदगा (LOHARDAGA): लोहरदगा जिले के गांवों, पंचायतों और दूरस्थ टोलों को जोड़ने वाली जर्जर सड़कों तथा क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों की समस्या को लेकर भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश महामंत्री बिन्देश्वर उराँव ने केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री को आवेदन भेजा है. आवेदन की प्रतिलिपि झारखंड के मुख्यमंत्री, संबंधित केंद्रीय एवं राज्य मंत्रियों तथा जिला प्रशासन को भी दी गई है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से “लोहरदगा ग्रामीण सड़क पुनरुद्धार विशेष योजना” स्वीकृत करने की मांग की है.

आवेदन में लोहरदगा सदर एवं ग्रामीण क्षेत्र के साथ सेनहा, भंडरा, कुडू, कैरो, पेशरार और किस्को प्रखंड की सड़कों का उल्लेख किया गया है. इनमें कई मार्गों पर बड़े गड्ढे, कीचड़ और जलजमाव की समस्या दर्ज है. कुछ स्थानों पर पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त या अधूरे बताए गए हैं. उराँव ने कहा कि बरसात में ऐसी सड़कों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाना और बच्चों को विद्यालय भेजना कठिन हो जाता है. किसानों, व्यापारियों और आम ग्रामीणों का आवागमन भी प्रभावित होता है.

उन्होंने विशेष रूप से भंडरा–भंवरो–बेदाल–मसमानो, उगरा–मेढ़ो–जोगना, पेशरार–चैनपुर तथा कचहरी मोड़–कुटमू–भंडरीहा जैसे मार्गों की स्थिति पर ध्यान दिलाया. आवेदन में कुजरा–होंदगा क्षेत्र के पुल और कैरो क्षेत्र में कोयल नदी पर क्षतिग्रस्त पुल से जुड़ी समस्याएं भी उठाई गई हैं. उराँव ने कहा कि इन सभी स्थानों की वर्तमान स्थिति का स्थल निरीक्षण और तकनीकी जांच कराकर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए.

आवेदन में मांग की गई है कि जिले की जर्जर सड़कों का 30 दिनों के भीतर संयुक्त तकनीकी एवं भौतिक सर्वेक्षण कराया जाए. बरसात में आवागमन रोकने वाले मार्गों, टूटे पुल-पुलियों और कटावग्रस्त हिस्सों की आपदा एवं आपात मद से तुरंत मरम्मत हो. इसके बाद गांवों को प्रखंड मुख्यालय, अस्पताल, विद्यालय और बाजार से जोड़ने वाली सड़कों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर चरणबद्ध स्थायी निर्माण कराया जाए.

उन्होंने ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता जांच, परियोजनाओं की समय-सीमा सार्वजनिक करने और लंबित कार्यों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की है. उन्होंने कहा, “सुरक्षित सड़क संपर्क गांव के लोगों की रोजमर्रा की जरूरत है. किसी मरीज को इलाज से, बच्चे को पढ़ाई से या किसान को बाजार से खराब सड़क के कारण वंचित नहीं होना चाहिए.”