नेतरहाट आवासीय विद्यालय की बड़ी उपलब्धि, सर्वश्रेष्ठ सरकारी आवासीय विद्यालयों की श्रेणी में मिला दूसरा स्थान

राष्ट्रीय स्तर पर जारी सीफोर (Cfore) स्कूल रैंकिंग 2026 में नेतरहाट आवासीय विद्यालय को देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी आवासीय विद्यालयों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है. पहले स्थान पर रहे हरियाणा के विद्यालय से नेतरहाट स्कूल महज चार अंक पीछे रहा. आइऑसे में इस सफलता ने न केवल लातेहार जिले, बल्कि पूरे झारखंड को एक बार फिर गौरवान्वित किया है.

नेतरहाट आवासीय विद्यालय की बड़ी उपलब्धि, सर्वश्रेष्ठ सरकारी आवासीय विद्यालयों की श्रेणी में मिला दूसरा स्थान

लातेहार (LATEHAR): न सिर्फ झारखंड बल्कि देश में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी ख्याति और मजबूत पहचान बना चुका नेतरहाट आवासीय विद्यालय एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह है स्कूल की नई उपलब्धि जहां राष्ट्रीय स्तर पर जारी सीफोर (Cfore) स्कूल रैंकिंग 2026 में विद्यालय को देश के सर्वश्रेष्ठ सरकारी आवासीय विद्यालयों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है. खास बात यह है कि पहले स्थान पर रहे हरियाणा के विद्यालय से नेतरहाट स्कूल महज चार अंक पीछे रहा. आइऑसे में इस सफलता ने न केवल लातेहार जिले, बल्कि पूरे झारखंड को एक बार फिर गौरवान्वित किया है.

सीफोर स्कूल रैंकिंग 2026 में भारतीय पाठ्यक्रम का पालन करने वाले सरकारी आवासीय विद्यालयों का मूल्यांकन किया गया. इसमें नेतरहाट आवासीय विद्यालय को कुल 1300 अंकों में से 1039 अंक मिले. वहीं, हरियाणा के सोनीपत स्थित मोतीलाल नेहरू स्कूल ऑफ स्पोर्ट्स ने 1043 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया है. दोनों विद्यालयों के अंकों में केवल चार का अंतर रहा. ऐसे में इस परिणाम से स्पष्ट होता है कि नेतरहाट विद्यालय ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और व्यवस्था के दम पर मजबूत स्थान बनाया है. विद्यालय की इस उपलब्धि से शिक्षक, कर्मचारी, विद्यार्थी और पूर्ववर्ती छात्र गौरवान्वित हैं. जिले के अधिकारियों ने भी इसे झारखंड की शिक्षा व्यवस्था के लिए उत्साहजनक बताया है.

रैंकिंग के अलग-अलग मानकों पर नेतरहाट विद्यालय का प्रदर्शन देखने लायक रहा है. शिक्षकों की दक्षता और विद्यार्थियों के साथ उनके संबंधों के लिए निर्धारित 150 अंकों में विद्यालय को 127 अंक मिले. शिक्षण पद्धति और पाठ्यक्रम के मूल्यांकन में 116 अंक प्राप्त हुए. वहीं, शैक्षणिक गहनता और पढ़ाई की गुणवत्ता के लिए निर्धारित 100 अंकों में विद्यालय को 86 अंक मिले.

वहीं खेलकूद, छात्रावास की सुविधाओं और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े मानकों में 82 अंक हासिल हुए. सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए विद्यालय को 81 अंक मिले. इसके अलावा, प्लेसमेंट और पूर्ववर्ती विद्यार्थियों से संबंधित मानक पर 80 अंक, शिक्षकों की देखभाल एवं विकासात्मक वातावरण में 79 अंक और आधारभूत संरचना तथा सुविधाओं के लिए 77 अंक प्राप्त हुए. 

1954 में हुई थी विद्यालय की स्थापना
नेतरहाट आवासीय विद्यालय की स्थापना वर्ष 1954 में तत्कालीन बिहार सरकार ने की थी. उस समय यह विद्यालय बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रमुख केंद्रों में गिना जाता था. झारखंड राज्य के गठन के बाद इसका संचालन झारखंड सरकार के अधीन हो गया.

दशकों से यह संस्थान अपनी शैक्षणिक परंपरा और अनुशासित आवासीय व्यवस्था के लिए पहचाना जाता रहा है. यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले कई पूर्ववर्ती छात्र प्रशासन, शिक्षा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इनमें झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों में आईएएस और आईपीएस जैसे पदों पर कार्यरत अधिकारी भी शामिल हैं.

ऐसे में अब सीफोर स्कूल रैंकिंग 2026 में मिली यह सफलता नेतरहाट विद्यालय की इसी परंपरा को आगे बढ़ाने वाली उपलब्धि है. देश में पहला स्थान हासिल करने वाले विद्यालय से महज चार अंक का अंतर इस बात को स्पष्ट करता है कि नेतरहाट स्कूल राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है.