पति के दोस्त को दिल दे बैठी पत्नी,फिर जहरीला इंजेक्शन देकर यार ने कर दिया काम तमाम, जानिए कहां का है ये मामला
कोडरमा पुलिस ने नवलशाही थाना क्षेत्र में अज्ञात व्यक्ति की हत्या के मामले का 48 घंटे के भीतर खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों सुनील ठाकुर और किरण देवी को गिरफ्तार किया है.
कोडरमा(KODERMA): कोडरमा पुलिस ने नवलशाही थाना क्षेत्र में अज्ञात व्यक्ति की हत्या के मामले का 48 घंटे के भीतर खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों सुनील ठाकुर और किरण देवी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत भगहर गांव निवासी नरेश ठाकुर के रूप में हुई है.
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, 17 अक्टूबर को नवलशाही थाना क्षेत्र के लकराही तालाब के पास स्थित एक बंद पत्थर खदान से अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया था. शव को खदान में फेंककर साक्ष्य मिटाने के आरोप में नवलशाही थाना कांड संख्या 69/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 238 और 3(5) में मामला दर्ज किया गया था.
एसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष जांच टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नवलशाही थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई. जांच में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, कोडरमा और तकनीकी शाखा के कर्मियों को भी लगाया गया. पुलिस टीम ने तेजी से जांच करते हुए मृतक की पहचान की और मामले में कथित रूप से संलिप्त सुनील ठाकुर, निवासी बेहेराडीह, थाना डोमचांच, जिला कोडरमा तथा किरण देवी, निवासी भगहर, थाना चौपारण, जिला हजारीबाग को गिरफ्तार किया.
प्रेम संबंध और हत्या की साजिश का आरोप
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि पूछताछ के दौरान कथित तौर पर सामने आया कि मृतक नरेश ठाकुर की पत्नी किरण देवी के सुनील ठाकुर से मधुर संबंध थे. पुलिस के अनुसार, किरण देवी अपने पति से छुटकारा पाना चाहती थी और इस संबंध में सुनील ठाकुर से बातचीत करती थी. पुलिस का आरोप है कि किरण देवी ने सुनील ठाकुर को फोन कर बताया कि नरेश ठाकुर की तबीयत खराब है और वह उसे लेने के लिए तिलैया स्टेशन पहुंचा है. इसके बाद सुनील ठाकुर ने इलाज कराने के बहाने नरेश ठाकुर को अपने पास बुलाया. प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, सुनील ठाकुर नरेश ठाकुर को मोटरसाइकिल पर बैठाकर नवलशाही स्थित अपने क्लिनिक ले गया. वहां इलाज के दौरान सुई देने के बहाने कथित तौर पर जहर का इंजेक्शन दिया गया, जिससे नरेश ठाकुर की मौत हो गई.
प्लास्टिक के बोरे में बांधकर खदान में फेंका शव
पुलिस के अनुसार, नरेश ठाकुर की मौत के बाद सुनील ठाकुर ने फोन पर किरण देवी को इसकी जानकारी दी. इसके बाद दोनों ने कथित तौर पर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई. आरोप है कि सुनील ठाकुर ने शव को पीले रंग के प्लास्टिक बोरे में बांधा और मोटरसाइकिल पर लादकर रात के अंधेरे में लकराही तालाब के पास बंद पत्थर खदान में फेंक दिया. रास्ते में मृतक का मोबाइल फोन और उसका पर्स भी फेंक दिया गया. पुलिस टीम ने आरोपी की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन, पर्स और उसमें रखे आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड तथा एसबीआई बैंक कार्ड सहित अन्य सामान बरामद किया. घटना में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है.
दो आरोपी गिरफ्तार, आगे की जांच जारी
इस मामले में सुनील ठाकुर और किरण देवी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस अब मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि घटनाक्रम और आरोपों की पुष्टि की जा सके. फिलहाल पुलिस जांच में जुट गई है.