कोडरमा:कोडरमा सदर अस्पताल में एक गंभीर मरीज के इलाज और रेफरल को लेकर विवाद खड़ा हो गया. मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया. उनका कहना था कि मरीज की हालत नाजुक होने के बावजूद उसे पर्याप्त चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराए बिना दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया. घटना के बाद कुछ समय तक अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही.
जानकारी के अनुसार, मरीज को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने का निर्णय लिया. इसी दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज को रेफर करते समय आवश्यक ऑक्सीजन सपोर्ट की समुचित व्यवस्था नहीं की गई. उनका कहना था कि इस लापरवाही से मरीज की जान जोखिम में पड़ सकती थी. इसी बात से नाराज होकर परिजनों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
दूसरी ओर, अस्पताल के चिकित्सकों ने इन आरोपों को गलत बताया है. उनका कहना है कि मरीज की हालत बेहद गंभीर थी और सदर अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों से उसका बेहतर इलाज संभव नहीं था. इसलिए समय रहते उसे ऐसे अस्पताल भेजा गया, जहां उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं. डॉक्टरों का कहना है कि मरीज को रेफर करने से पहले आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया अपनाई गई और उसका हित ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया गया.
घटना की सूचना मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी ली. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच और समीक्षा की जाएगी. यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसके अनुरूप संसाधन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता अभी भी पर्याप्त नहीं है. उनका मानना है कि अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार किया जाए, ताकि गंभीर मरीजों को बार-बार दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम पड़े.
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है. विभाग ने भरोसा दिलाया है कि अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट: अरुण बर्नवाल

