जामताड़ा (JAMTARA): झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. एक ओर जामताड़ा में मजिस्ट्रेट की निगरानी में उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया, वहीं दूसरी ओर सुजीत की सास उषा देवी ने पूरे एनकाउंटर को सुनियोजित साजिश बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने मामले की न्यायिक या किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
सोमवार को जामताड़ा में सुजीत सिन्हा के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी और पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग के बीच किया. दोपहर करीब 1:30 बजे शुरू हुई प्रक्रिया लगभग एक घंटे तक चली. इस दौरान जामताड़ा के अंचल अधिकारी सह प्रभारी बीडीओ अवेश्वर मुर्मू मजिस्ट्रेट के रूप में मौजूद रहे. मेडिकल टीम ने पोस्टमार्टम के दौरान शव से दो गोलियां बरामद कीं, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों पर भी गोली लगने के कई निशान पाए गए. विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट जल्द ही संबंधित अधिकारियों को सौंपी जाएगी.
पोस्टमार्टम के दौरान सुजीत सिन्हा के परिजन भी जामताड़ा पहुंचे. उसकी सास उषा देवी, साला आयुष कुमार और परिवार के अन्य सदस्य शवगृह पहुंचे. आयुष कुमार ने मीडिया से कहा कि पहले वह अपने जीजा का शव देखेंगे, उसके बाद ही पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया देंगे. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत परिजनों और उनके साथ आए लोगों को जामताड़ा थाना ले जाकर पूछताछ भी की.
इधर, मीडिया से बातचीत में उषा देवी ने पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठाए. उनका कहना था कि सुजीत सिन्हा की हत्या एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत की गई है. उन्होंने पूछा कि जो व्यक्ति जेल से बाहर निकलना ही नहीं चाहता था, वह आखिर पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश क्यों करेगा और पुलिस पर गोली क्यों चलाएगा. उनके मुताबिक, सुजीत पहले भी जेल से बाहर जाने से इनकार कर चुका था, क्योंकि उसे आशंका थी कि बाहर निकलते ही उसके दुश्मन उसकी हत्या कर देंगे.
बताते चलें कि कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा कुछ महीने पहले ही झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी जहां उसने अपनी जान पर खतरा बताया था. ऐसे में उषा देवी ने एनकाउंटर की तस्वीरों पर भी सवाल खड़े किए. उनका दावा है कि रात में जारी तस्वीर में सुजीत का शव सड़क पर दिखाई दे रहा था, जबकि बाद में जारी तस्वीर में शव जंगल के भीतर दिखाया गया. उन्होंने कहा कि इन विरोधाभासी परिस्थितियों को देखते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके.
परिवार ने सुजीत के 12 वर्षीय बेटे अक्षत की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई है. उषा देवी का कहना है कि पिता की मौत और मां के जेल में होने के कारण बच्चा गहरे मानसिक सदमे में है. उन्होंने आरोप लगाया कि चाईबासा जेल में बंद अक्षत की मां से उसकी नियमित मुलाकात नहीं हो पा रही है और जेल प्रशासन की ओर से सहयोग नहीं मिल रहा. उन्होंने यह भी दावा किया कि बच्चे को पर्याप्त मानसिक सहारा नहीं मिल रहा और वह बेहद तनाव में है.
जानकारी के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुजीत सिन्हा का शव उसके परिजनों को सौंपा जाएगा. पुलिस पूरे मामले की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है. वहीं, परिजनों ने एनकाउंटर की न्यायिक या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने तथा यदि किसी स्तर पर साजिश या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं.

